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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नवरात्र पर बड़े आयोजन रद

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Updated: Thu, 26 Mar 2020 07:58 AM (IST)

इस बार वासंतिक नवरात्र कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नवरात्र पर होने वाले अधिकांश आयोजन रद कर दिए गए हैं।

कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नवरात्र पर बड़े आयोजन रद
कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नवरात्र पर बड़े आयोजन रद

ऋषिकेश, जेएनएन। बुधवार से चैत्र वासंतिक नवरात्र शुरू हो गए हैं। मगर, इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए नवरात्र पर होने वाले अधिकांश आयोजन रद कर दिए गए हैं। 

घरों में भी लोग साधारण ढंग से पूजा-अर्चना कर माता का गुणगान कर रहे हैं। मंदिरों तथा घरों में बड़ी धूमधाम से नवरात्र महोत्सव होते हैं। मगर, इस बार नवरात्र से पहले दिन ही पूरे देश में लॉकडाउन घोषित हो गया। जिससे लोग न तो नवरात्र के लिए पूजा-पाठ का सामान ही खरीद पाये और ना ही पुरोहित ही पाठ पूजा के लिए उपलब्ध हो पाए।

ऐसे में अधिकांश मंदिरों में पहले ही नवरात्र पर होने वाले कार्यक्रम रद कर दिये गये। लोगों ने घरों में होने वाले पूजा-पाठ स्थगित कर दिये हैं। कुछ लोगों ने स्वयं ही घर में उपलब्ध पूजन सामग्री के साथ नवरात्र पर माता का पाठ शुरू कर दिया है।

आचार्य डॉ. जनार्दन प्रसाद कैरवान ने बताया कि मां भगवती की आराधना के लिए वासंतिक नवरात्र को विशेष माना जाता है। मगर, वर्तमान में विश्वव्यापी कोरोना वायरस के संक्रमण की समस्या से निपटना सबकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि माता के नवरात्र पूरे वर्ष भी आते हैं, इस महामारी पर विजय पाने के बाद कभी भी बड़े आयोजन कर सकते हैं। 

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उन्होंने बताया कि यदि किसी भी व्यक्ति को अपने घर पर नवरात्र में माता का पाठ करना है तो उसे घर पर ही उपलब्ध वस्तुओं से मां की आराधना कर सकते हैं। घर मे दीप जलाकर कलश रख कर अक्षत जो उपलब्ध हो उससे मा भगवती का पूजन कर पाठ कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मां भगवती की शक्ति अलौकिक है, जिससे इस कोरोना नामक रोग से भी मुक्ति मिलेगी। असाध्य रोगों को दूर करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ विशेष महत्व रखता है।

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