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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्‍तराखंड में आफत की बारिश, पत्थर गिरने की वजह से दो घंटे बाधित रही केदारनाथ यात्रा

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Sat, 03 Aug 2019 08:46 PM (IST)

पहाड़ी से पत्थर गिरने की वजह से केदारनाथ यात्रा दो घंटे रोकनी पड़ी इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की निगरानी में तीर्थयात्रियों की आवाजाही कराई गई।

उत्‍तराखंड में आफत की बारिश, पत्थर गिरने की वजह से दो घंटे बाधित रही केदारनाथ यात्रा
उत्‍तराखंड में आफत की बारिश, पत्थर गिरने की वजह से दो घंटे बाधित रही केदारनाथ यात्रा

देहरादून, जेएनएन। पहाड़ी से पत्थर गिरने की वजह से केदारनाथ यात्रा दो घंटे रोकनी पड़ी, इसके बाद पुलिस और एसडीआरएफ की निगरानी में तीर्थयात्रियों की आवाजाही कराई गई। कंचनगंगा में उफान और लामबगड़ में भूस्खलन की वजह से बदरीनाथ हाईवे दोपहर तक बंद रहा। गंगोत्री मार्ग रात उत्तरकाशी जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर थिरांग में मलबा आने से बंद हो गया। प्रदेश में 110 संपर्क व अन्य मार्ग बारिश और भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हैं। लोनिवि इन्हें खोलने में जुटा है। राज्य मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटों के दरम्यान देहरादून, पौड़ी, नैनीताल और उत्तरकाशी में भारी वर्षा का अनुमान जताया है।

राज्य के कुछ हिस्सों में शुक्रवार रात से शनिवार दोपहर तक बारिश के दौर चलते रहे। हरिद्वार को छोड़कर बाकी मैदानी इलाकों में छिटपुट बारिश हुई। पर्वतीय जिलों में बारिश की वजह से यात्रा मार्गों पर दिक्कतें बनी रही। केदारनाथ पैदल ट्रैक पर भीमबली और लिनचोली के बीच सुबह पहाड़ी से पत्थर गिरने का क्रम चला। इसको देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने सुबह करीब दस बजे पैदल यात्रा रोक दी। तीर्थयात्रियों को भीमबली और लिनचोली में रोक दिया गया। करीब सवा बारह बजे यात्रा फिर से शुरू कराई गई। रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी हरीश चन्द्र ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर पुलिस और एसडीआरएफ की देखरेख में आवाजाही कराई जा रही है। केदारनाथ जाने वाला गौरीकुंड हाईवे फाटा से चार किमी आगे चण्डीकाधार व खाट के पास डोलिया देवी में पहाड़ी से मलबा आने से 12 घंटे तक हाईवे अवरुद्ध रहा।

बदरीनाथ मार्ग कंचनगंगा और लामबगड़ करीब पांच घंटे बाधित रहा। दोपहर बाद यहां यातायात सुचारु हुआ। हेमकुंड यात्रा मार्ग पर भ्यूंडार गांव में लक्ष्मण गंगा में उफान के चलते यहां बने पुल के दोनों ओर पानी भरने से पुल से आवाजाही में दिक्कतें खड़ी हो गई हैं। हेमकुंड व फूलों की घाटी जाने वाले यात्री पर्यटकों को पास के ही झूला पुल से आवाजाही कराई जा रही है। उधर, हरिद्वार जिले के झबरेड़ा में बारिश से एक आवासीय भवन की छह ढह गई, उमसें रह रहे दो बच्चों समेत चार लोग मलबे में दब गए, समय रहते उन्हें रेस्क्यू कर लिया गया। 

कुमाऊं मंडल में शुक्रवार रात भारी बारिश के बाद शनिवार सुबह टनकपुर-पिथौरागढ़ हाईवे गुड़ौली के पास आठ घंटे बंद रहा। वहीं थल-मुनस्यारी मार्ग भी मलबे के कारण पांच घंटे बंद रहा। बागेश्वर में झमाझम बारिश से सरयू नदी का जलस्तर एकाएक बढ़ गया।  प्रशासन ने लोगों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है। 

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