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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अंतिम चरण के मतदान के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के आरक्षण पर नजरें

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Updated: Thu, 17 Oct 2019 08:48 PM (IST)

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में तृतीय और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की नजरें जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर तय होने वाले आरक्षण पर टिक गई हैं।

अंतिम चरण के मतदान के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के आरक्षण पर नजरें
अंतिम चरण के मतदान के बाद अब जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के आरक्षण पर नजरें

देहरादून, राज्य ब्यूरो। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में तृतीय और अंतिम चरण का मतदान संपन्न होने के बाद अब सभी की नजरें जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर तय होने वाले आरक्षण पर टिक गई हैं। उधर, शासन स्तर पर इसे लेकर गंभीरता से मंथन चल रहा है। 

माना जा रहा है कि शुक्रवार तक आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। वजह यह कि राज्य निर्वाचन आयोग प्रमुख व जिपं अध्यक्ष पदों के लिए चुनाव का प्रस्तावित कार्यक्रम शासन को सौंप चुका है। 

हाईकोर्ट ने सरकार को 30 नवंबर तक पंचायत चुनाव संपन्न कराने के आदेश दिए हैं। इस क्रम में ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और क्षेत्र व जिला पंचायत सदस्यों पदों के चुनाव को मतदान हो चुका है। 21 अक्टूबर से मतगणना होगी और 23 अक्टूबर तक इन पदों पर प्रतिनिधियों के चुनाव की तस्वीर साफ हो जाएगी। 

ऐसे में सभी की निगाहें क्षेत्र पंचायत प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्ष पदों के चुनाव पर टिक गई हैं। ब्लाक प्रमुख पदों के लिए शासन पूर्व में आरक्षण तय कर चुका है, लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर आरक्षण तय होना बाकी है।

सूत्रों ने बताया कि शासन स्तर पर आरक्षण का मसौदा तैयार कर लिया गया है। इसे अनुमोदन के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया है। वहां से हरी झंडी मिलने पर शुक्रवार तक इसकी अनंतिम अधिसूचना जारी होने की उम्मीद है। 29 अक्टूबर तक अंतिम अधिसूचना जारी हो सकती है। 

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इस सबको देखते हुए अध्यक्ष पदों के आरक्षण पर सियासी दलों के साथ ही संभावित दावेदारों की नजरें टिक गई हैं। आरक्षण तय होने के बाद ही सियासी दल इसके लिए गोटियां बिछा पाएंगे। अलबत्ता, ब्लाक प्रमुखों के लिए सभी ने करीब-करीब खाका तैयार कर लिया है।

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