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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 18, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को राहत, ओटी का समय बढ़ाया

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Published: Sun, 18 Nov 2018 03:00 AM (IST)Updated: Sun, 18 Nov 2018 08:37 PM (IST)

दून अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए अस्पताल प्रशासन ने एक बार फिर व्यवस्थाओं को कसा है। नई व्यवस्था के तहत अब ओटी सुबह एक घंटे पहले खुलेगी।

ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को राहत, ओटी का समय बढ़ाया
ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को राहत, ओटी का समय बढ़ाया

देहरादून, जेएनएन। दून अस्पताल की व्यवस्था सुधारने के लिए अस्पताल प्रशासन ने एक बार फिर अपने स्तर से कवायद शुरू कर दी है। ऑपरेशन का इंतजार कर रहे मरीजों को सोमवार से सहूलियत मिलने जा रही है। अस्पताल की ओटी अब एक घंटा पहले शुरू होगी। इसके अलावा अब चिकित्सक-कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड व आइडी कार्ड भी अनिवार्य किया गया है। 

सुबह आठ बजे शुरू होगी ओटी 

शासन से लेकर अस्पताल प्रशासन तक अब व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर दिख रहे हैं। अस्पताल में चिकित्सक और कर्मचारियों की कमी को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। पर इससे पहले अस्पताल प्रशासन भी अपने स्तर से कमियां दूर करने में जुटा है। 

सबसे पहले ऑपरेशन का बैकलॉग निपटाने और आगे भी मरीजों को राहत देनी की तैयारी है। सोमवार से ओटी सुबह 8 बजे से ही शुरू हो जाएगी,  जबकि अभी समय 9 बजे है। ऐसे में एक घंटा अधिक ओटी में काम करने का निर्णय लिया गया है। 

बता दें कि दीपावली पर एक एनेस्थेटिस्ट के छुंट्टी चले जाने से करीब एक सप्ताह तक ओटी का कार्य प्रभावित हुआ है। यहां तक कि ऑपरेशन पूरी तरह बंद हो गए थे। दून व दून महिला अस्पताल को मिलाकर दस एनेस्थेटिस्ट की आवश्यकता है, पर तैनात केवल पांच हैं। 

हाल में 50 से मरीज ऑपरेशन की वेटिंग में हैं। ऐसे में अब हर दिन एक घंटे अधिक काम कर मरीजों को राहत देने की तैयारी है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि जो भी मरीज ऑपरेशन के लिए वेटिंग पर हैं, उनको प्राथमिकता दी जाएगी। 

ड्रेस और आइकार्ड जरूरी अस्पताल में अब पूरा सिस्टम बदलने की पहल शुरू हो गई है। जहां एक तरफ सुविधाओं पर फोकस किया जा रहा है, वहीं स्टाफ के लिए ड्रेस और आइडी कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। चिकित्सा अधीक्षक ने सभी विभागों के प्रभारियों को आदेश की प्रति भेज दी है।

आदेश में कहा गया है कि वह स्वयं सुबह नौ बजे ओपीडी का निरीक्षण करेंगे। डॉ. टम्टा ने बताया कि जिन चिकित्सक व कर्मचारियों के पास आइडी कार्ड नहीं है वह उन्हें समय से जानकारी दे दें। उनके लिए आइडी कार्ड की व्यवस्था की जाएगी। 

देर से आने वालों की लगेगी गैरहाजिरी 

देर से अस्पताल आने वाले डॉक्टर-कर्मचारियों की भी अब खैर नहीं। अस्पताल प्रशासन उन पर नकेल कसने जा रहा है। समय पर न पहुंचने वाले डॉक्टर की उस दिन की गैरहाजिरी लगा दी जाएगी। उनका वेतन काटा जाएगा। चिकित्सा अधीक्षक ने सख्त हिदायत दी है कि डॉक्टर मरीजों के साथ विनम्रता से पेश आएं और बाहर की दवा व जांच कतई न लिखें।

सुरक्षा कर्मियों की ली क्लास 

चिकित्सा अधीक्षक ने सुबह दून और दून महिला अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों की भी क्लास ली। सख्त ताकीद की कि लापरवाही पर अब सीधा बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मरीजों और तीमारदारों से अभद्र व्यवहार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। महिला अस्पताल में सुरक्षा कर्मियों के मोबाइल पर व्यस्त रहने की शिकायत मिली है। शिकायत सही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। 

इस दौरान सुरक्षा कर्मियों ने भी चेजिंग रूम की व्यवस्था करने और अस्पताल बंद होने के बाद शौचालय का ताला खुलवाने की व्यवस्था कराने की माग की।

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