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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लॉकडाउन के चलते रोजगार खो चुके 124 परिवारों की मददगार बनी पुलिस

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Fri, 10 Apr 2020 02:57 PM (IST)

लॉकडाउन के चलते जिन परिवारों के रोजगार छिन गए और घर में खाने की चीजों के लिए वह भटक रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए पुलिस ने नायाब पहल की है।

लॉकडाउन के चलते रोजगार खो चुके 124 परिवारों की मददगार बनी पुलिस
लॉकडाउन के चलते रोजगार खो चुके 124 परिवारों की मददगार बनी पुलिस

देहरादून, जेएनएन। लॉकडाउन के चलते जिन परिवारों के रोजगार छिन गए और घर में खाने की चीजों के लिए वह भटक रहे हैं। ऐसे लोगों के लिए पुलिस ने नायाब पहल की है। नेहरू कॉलोनी थाने की पुलिस ने इलाके के ऐसे 124 परिवारों को गोद लिया है। हर परिवार की जिम्मेदारी उठाने के लिए एक-एक पुलिस कर्मी खुद आगे आया है। अब यह पुलिसकर्मी उन घरों तक जरूरत का सामान पहुंचा रहे हैं।

दरअसल, यह ऐसे परिवार हैं तो सामान्य दिनों में जी-तोड़ मेहनत कर अपना और परिवार का पेट पालते थे। मगर लॉकडाउन के चलते उन्हें काम मिलना बंद हो गया है। वह अब घरों से भी बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि यह मेहनतकश लोग किसी के सामने मदद के लिए हाथ भी नहीं फैला सकते। ऐसे परिवारों के बारे में जब डीआइजी अरुण मोहन जोशी तक पहुंची तो उन्होंने नेहरू कॉलोनी थाने की पुलिस को सुझाव दिया। यह कि ऐसे परिवारों को चिन्हित कर उन्हें एक-एक पुलिसकर्मी गोद ले।

इसके बाद वह पुलिसकर्मी उन तक मदद की चीजों को पहुंचाएगा ताकि वह इस संकट के दौरान अपना और मासूम बच्चों का पेट पाल सकें। इस पर अमल करते हुए नेहरू कॉलोनी पुलिस ने ऐसे 124 परिवारों को चिन्हित किया और उनके घरों पर जाकर बताया कि आज से वह उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानें किसी तरह की जरूरत हो तो बेझिझक फोन करें। पुलिस उनके घर तक मदद लेकर खुद आएगी।

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113 पुलिसकर्मियों को मिली जिम्मेदारी

डीआइजी ने बताया कि एक सिपाही एक परिवार की तर्ज पर इस पहल अमल में लाया गया है। इसमें गरीब, असहाय, मजदूर एवं बाहर के ऐसे लोग शामिल हैं, जिनके पास आजकल रोजगार नही है। थाने के 15 दारोगाओं को दो-दो परिवार और 98 कांस्टेबिलों को एक-एक परिवार की जिम्मेदारी दी गई है। इस तरह थाने के 113 पुलिस कर्मियों द्वारा 124 परिवारों को अपना परिवार मानकर लॉक डाउन तक उनको राशन, भोजन, दवाई आदि उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली गई है।

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