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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 24, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब ऑनलाइन भी मिल सकेंगे प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, जानिए कैसे

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Updated: Wed, 29 May 2019 08:33 AM (IST)

उत्‍तराखंड में परिवहन विभाग ने सभी वाहन प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों को वाहन पोर्टल से जोड़ दिया है। इसके तहत अब वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र ऑनलाइन भी मिल सकेंगे।

अब ऑनलाइन भी मिल सकेंगे प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, जानिए कैसे
अब ऑनलाइन भी मिल सकेंगे प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, जानिए कैसे

देहरादून, राज्य ब्यूरो। परिवहन विभाग ने प्रदेश के सभी वाहन प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों को वाहन पोर्टल से जोड़ दिया है। इसके तहत अब वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र ऑनलाइन भी मिल सकेंगे। इतना ही नही विभाग के पास भी वाहनों की प्रदूषण जांच का सारा डाटा उपलब्ध रहेगा। प्रदूषण नियंत्रण केंद्र संचालकों को भी इससे आसानी होगी और उन्हें नवीनीकरण करने के लिए परिवहन विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। शुक्रवार को परिवहन मुख्यालय में प्रदूषण जांच केंद्र के संचालकों को नए सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया गया। 

प्रदेश में इस समय तकरीबन 27 लाख वाहन पंजीकृत हैं। वाहनों की बढ़ती संख्या के साथ ही वायु प्रदूषण की समस्या भी बढऩे लगी है। वहीं, वाहनों के प्रदूषण को जांचने के लिए बनाए गए प्रदूषण नियंत्रण केंद्रों के जरिये दिए जा रहे प्रमाणपत्रों पर सवाल उठते रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र की समय सीमा छह माह की होती है। कई लोग समय से दोबारा जांच नहीं कराते हैं तो कई बार फर्जी तरीके से प्रमाणपत्र हासिल कर लेते हैं।

 दरअसल, पूर्व में इस प्रकार के मामले सामने आ चुके हैं कि ये केंद्र बिना जांच के ही प्रमाणपत्र दे देते हैं। कई बार एक ही प्रदूषण नियंत्रण केंद्र फर्जी प्रमाण पत्र भी जारी कर देते हैं। इसके लिए कुछ समय पहले भारत सरकार ने सभी प्रदूषण जांच केंद्रों को वाहन पोर्टल से जोडऩे के निर्देश दिए गए थे। इसके लिए विभाग में कई दिनों से तैयारी चल रही थी। अब विभाग ने इन्हें ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ दिया है।

 अपर परिवहन आयुक्त सुनीता सिंह ने बताया कि वाहनों की प्रदूषण जांच का कार्य वाहन पोर्टल से लिंक होने के कारण किसी वाहन की जांच का डाटा परिवहन विभाग को रियल टाइम के आधार पर उपलब्ध रहेगा। प्रदूषण जांच केंद्र स्थापित करने अथवा नवीनीकरण के लिए आवेदक ऑनलाइन ही आवेदन कर सकेगा। राज्य में कितने वाहनों की प्रदूषण जांच हुई है और कितना वाहनों के प्रदूषण निर्धारित समय सीमा के भीतर हैं इसकी जानकारी भी एक क्लिक पर मिल सकेगी। इतना ही नहीं प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र खोने की स्थिति में वाहन स्वामी इसके निश्शुल्क डाउनलोड भी कर सकता है। 

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