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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंस्ट्रूमेंट दुरुस्त, बरसात में थे बंद Dehradun News

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Sat, 21 Dec 2019 09:37 AM (IST)

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंस्ट्रूमेंट कार्य तो कर रहे हैं पर बोर्ड ने दून में वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग करने के बाद अपनी वेबसाइट पर डाटा उपलब्ध नहीं कराया है

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंस्ट्रूमेंट दुरुस्त, बरसात में थे बंद Dehradun News
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंस्ट्रूमेंट दुरुस्त, बरसात में थे बंद Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इंस्ट्रूमेंट सामान्य कार्य तो कर रहे हैं, लेकिन बोर्ड ने दून में वायु प्रदूषण की मॉनीटरिंग करने के बाद अपनी वेबसाइट पर डाटा उपलब्ध नहीं कराया है। ऐसे में पिछले दो माह का रिकॉर्ड आमजन को नहीं मिल पा रहा है। हालांकि, बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों की वजह से डाटा अपलोड नहीं किया जा सका, जबकि उपकरणों में वायु प्रदूषण का समस्त रिकॉर्ड कैद किया जा रहा है।

दरअसल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से दून में घंटाघर, आइएसबीटी और रायपुर में शहर का वायु प्रदूषण मापने को दो-दो उपकरण लगाए गए हैं। जिनमें एक आरडीएस उपकरण में तो पीएम (पार्टिकुलेट मैटर)-10 का स्तर मापा जाता है, यह उपकरण 12 महीने सक्रिय रखी जाती है। वहीं, दूसरा उपकरण एमएफसी, जिसमें पीएम (पार्टिकुलेट मैटर)-2.5 का स्तर मापा जाता है, यह उपकरण बेहद संवेदनशील होता है। बारिश के दौरान इस उपकरण को नहीं चलाया जा सकता। 

ऐसे में बीते जुलाई में बारिश के पानी से एमएफसी उपकरण में खराबी आ गई थी। जिसे संबंधित कंपनी के इंजीनियरों से कुछ दिन के भीतर दुरुस्त करा लिया गया था। लेकिन, इसके बाद इंजीनियरों की सलाह के चलते बरसाती सीजन में इस उपकरण को बंद रखा गया और अब अक्टूबर से यह उपकरण सक्रिय अवस्था में है। इससे नियमित डाटा रिकॉर्ड किया जा रहा है। हालांकि, यह डाटा अभी वेबसाइट पर नहीं डाला गया है।

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अमित पोखरियाल (क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, देहरादून) का कहना है कि इंस्ट्रूमेंट में कोई खराबी नहीं है। यह नियमित कार्य कर रहे हैं। बरसात में इन्हें बंद रखना मजबूरी थी। इसलिए जुलाई, अगस्त और सितंबर का डाटा रिकॉर्ड नहीं किया गया। अब अक्टूबर से पूर्ण डाटा उपलब्ध है। वेबसाइट पर संभवत: कुछ तकनीकी समस्या के चलते डाटा नहीं डाला जा सका। जल्द वेबसाइट को अपडेट किया जाएगा।

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