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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pooja Khedkar नहीं पहुंचीं LBS Academy, निदेशक के पास बर्खास्त करने का अधिकार; बढ़ेंगी मुश्किलें

    Updated: Thu, 25 Jul 2024 08:11 AM (GMT+05:30)

    Pooja Khedkar पुणे में तैनाती के दौरान वरिष्ठ आइएएस अधिकारी के साथ विवाद और निजी आडी कार पर लाल-नीली बत्ती लगाने के बाद चर्चा में आई प्रशिक्षु आइएएस प ...और पढ़ें

    Pooja Khedkar: विवादों में घिरीं प्रशिक्षु आइएएस पूजा खेडकर
    Pooja Khedkar: विवादों में घिरीं प्रशिक्षु आइएएस पूजा खेडकर

    HighLights

    1. नियुक्ति फर्जीवाड़े में घिरीं वर्ष 2023 बैच की प्रशिक्षु आइएएस अधिकारी पूजा को एलबीएस अकादमी ने किया था तलब
    2. प्रोबेशन की अवधि में अकादमी निदेशक का प्रशिक्षु अधिकारियों पर सीधा नियंत्रण, बर्खास्त करने का भी है अधिकार

    जागरण संवाददाता, देहरादून। Pooja Khedkar: नियुक्ति फर्जीवाड़े में चौतरफा घिरीं वर्ष 2023 बैच की प्रशिक्षु आइएएस अधिकारी पूजा खेडकर को 23 जुलाई तक लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए) मसूरी में रिपोर्ट करना था। अकादमी सूत्रों के मुताबिक पूजा अकादमी नहीं पहुंची हैं। ऐसे में उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

    पुणे में तैनाती के दौरान वरिष्ठ आइएएस अधिकारी के साथ विवाद और निजी आडी कार पर लाल-नीली बत्ती लगाने के बाद चर्चा में आई प्रशिक्षु आइएएस पूजा खेडकर विवादों में घिरतीं चली गईं। अब उनकी नियुक्ति पर ही सवाल खड़े हो गए हैं।

    एफआइआर दर्ज करा नोटिस भी जारी

    साथ ही उन पर संघ लोकसेवा आयोग ने एफआइआर दर्ज करा नोटिस भी जारी किया है। वहीं, प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एलबीएसएनएए ने उनकी फील्ड ट्रेनिंग को रद कर 23 जुलाई तक अकादमी में रिपोर्ट करने को कहा था।

    पहले बताया जा रहा था कि पूजा खेडकर मसूरी पहुंचकर अपनी बात रखेंगी। लेकिन, जब उन पर चौतरफा जांच का शिकंजा कसता चला गया तो वह गायब हो गईं। हालांकि, इससे पहले उन्होंने जांच अधिकारियों के समक्ष अपनी बात रखने की बात कही थी।

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    अकादमी सूत्रों के अनुसार, पूजा खेडकर ने रिपोर्ट नहीं किया है। लिहाजा, अकादमी निदेशक उन पर कड़ी कार्रवाई शुरू कर सकते हैं। वैसे भी प्रोबेशन की अवधि में अकादमी निदेशक ही प्रशिक्षु अधिकारी के सीधे नियंत्रण अधिकारी होते हैं।

    उन्हें यह अधिकार होता है कि वह उपयुक्त जांच के बाद किसी प्रशिक्षु अधिकारी को बर्खास्त कर सकते हैं। ऐसे में अब संघ लोक सेवा आयोग और डीओपीटी के साथ ही एलबीएसएनएए भी पूजा खेडकर को लेकर कड़ा रुख अपना सकता है।