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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 05, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विकास के नाम पर नहीं होने देंगे मंदिरों का अधिग्रहण : डॉ. प्रवीण तोगड़िया

By Sunil NegiEdited By:
Updated: Sun, 05 Jan 2020 09:40 AM (IST)

देहरादून में प्रेस वार्ता में डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि विकास के नाम पर परिषद मंदिरों का अधिग्रहण नहीं होने देगी। धर्म निरपेक्ष सरकार का काम मंदिर चलाना नहीं है।

विकास के नाम पर नहीं होने देंगे मंदिरों का अधिग्रहण : डॉ. प्रवीण तोगड़िया
विकास के नाम पर नहीं होने देंगे मंदिरों का अधिग्रहण : डॉ. प्रवीण तोगड़िया

देहरादून, जेएनएन। अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि विकास के नाम पर परिषद मंदिरों का अधिग्रहण नहीं होने देगी। धर्म निरपेक्ष सरकार का काम मंदिर चलाना नहीं है। इसके खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसका केंद्र उत्तराखंड होगा। कहा कि उत्तराखंड सरकार में दम है तो प्रदेश की मस्जिदों और चर्चो का अधिग्रहण कर अपनी हिम्मत का परिचय दे।

डॉ. तोगड़िया शनिवार को उत्तराखंड के दौरे पर थे। उन्होंने देहरादून, हरिद्वार और रुड़की में पत्रकारों से वार्ता कर देवस्थानम् विधेयक का विरोध किया। कहा कि अभी यह कानून उत्तराखंड में लागू होने जा रहा है। यह सब मंदिरों की संपत्ति हड़पने के लिए किया जा रहा है। हरिद्वार में इसको लेकर बड़ी बैठक होने जा रही है। तीर्थ पुरोहित भी इसे लेकर रणनीति तैयार कर रहे हैं।

उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के खिलाफ तो भाजपा और आरएसएस मठ-मंदिरों का अधिग्रहण करने का विरोध करते हैं। अब खुद ही बोर्डों का गठन और एक्ट बनाकर मंदिरों की संपत्ति हड़पने के लिए आतुर है। राम मंदिर पर वह बोले कि हमारा काम पूरा हो गया है। सरकार इसका श्रेय न ले।

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पहले अपने देश के शरणार्थियों को सुरक्षा दे सरकार

तोगड़िया ने नानकाना साहिब पर मुसलमानों के हमले की निंदा की। उन्होंने केंद्र सरकार से नानकाना साहिब क्षेत्र में रह रहे हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की। सीएए पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वह दूसरे देश के शरणार्थियों को नागरिकता देने का स्वागत करते हैं। लेकिन, पहले सरकार अपने ही देश में शरणार्थी बनकर रह रहे 40 लाख कश्मीरी पंडितों को उनका हक दिलाए। उन्होंने एनआरसी के नाम पर हिंदुओं को परेशान करने का भी विरोध किया।

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