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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 22, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Coronavirus: उत्तराखंड में निजी लैब सेंटर को मिलेगी टेस्टिंग की अनुमति

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Updated: Mon, 23 Mar 2020 09:20 AM (IST)

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान शोध परिषद (आइसीएमआर) ने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए निजी लैबोरेट्री व सेंटर को भी अनुमति देने पर हामी भर दी।

Coronavirus: उत्तराखंड में निजी लैब सेंटर को मिलेगी टेस्टिंग की अनुमति
Coronavirus: उत्तराखंड में निजी लैब सेंटर को मिलेगी टेस्टिंग की अनुमति

देहरादून, जेएनएन। कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम और इसकी जाच को लेकर हाथ-पांव मार रही राज्य सरकार को बड़ी राहत मिलने जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान शोध परिषद (आइसीएमआर) ने राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण  की जांच के लिए निजी लैबोरेट्री व सेंटर को भी अनुमति देने पर हामी भर दी है। इसके लिए निजी क्षेत्र की ओर से आवेदन किया जा सकेगा। 

अलबत्ता, जन सुरक्षा के लिहाज से इस बेहद संवेदनशील मामले में टेस्टिंग लैब के लिए मानक पूरे करना आवश्यक होगा। सभी जिलों में खाद्यान्न समेत सभी आवश्यक सामान और सेवाओं की आपूर्ति में किसी तरह का संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए सरकार ने जिलाधिकारियों को विशेष हिदायत दी है। 

मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि कोरोना वायरस संक्त्रमण के तीसरे चरण के भयावह खतरे को देखते हुए राज्य सरकार तमाम जरूरी व्यवस्थाओं के बंदोबस्त पर खास ध्यान दे रही है। इस बारे में केंद्र सरकार से मिलने वाले दिशा-निर्देशों का भी राज्य में पालन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आइसीएमआर के आला अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कोरोना वायरस के संक्त्रमण की जाच को लैब की स्थापना का मुद्दा भी उठा। राज्य में लैब की अभी संख्या सीमित है। 

ऐसे में निजी सेंटर और लैब को भी राज्य में मंजूरी देने पर आइसीएमआर ने सहमति जताई है। इसके लिए निजी लैब आवेदन कर सकेंगे। ऐसी लैब और सेंटर को खुद को पंजीकृत भी कराना होगा। साथ ही कोराना वायरस से जुड़े खतरे को देखते हुए निजी आवेदकों को मानकों का पूरा पालन करना होगा। इसमें किसी तरह की रियायत नहीं मिलेगी। 

उन्होंने कहा कि टेस्टिंग के मामले में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी खामी अथवा लापरवाही से संक्त्रमण फैलने न पाए। मुख्य सचिव ने कहा कि 31 मार्च तक प्रदेश में लॉकडाउन का सख्ती से अनुपालन कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस को निर्देश दिए जा चुके हैं। जरूरत पड़ी तो सुरक्षा के लिए अतिरिक्त बंदोबस्त किया जाएगा। 

लॉक डाउन की स्थिति में आम जनता को खाद्यान्न या अन्य किसी भी जरूरी सामान की कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारियों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य महकमे को भी पर्वतीय क्षेत्रों में जरूरी खाद्यान्न की आपूर्ति समय रहते करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान सरकार का जोर स्थानीय निकायों की मदद से शहरों, बस्तियों व वाडरें के सेनिटेशन पर होगा। इसके लिए संबंधित निकायों के अध्यक्षों, मुख्य नगर या नगर अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों के साथ तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में तीन माह के खाद्यान्न की आपूर्ति 

सरकार के निर्देशों के मुताबिक खाद्य महकमे ने भी पर्वतीय क्षेत्रों में अगले तीन माह का खाद्यान्न खासतौर पर गेहूं व चावल जमा करने की कार्यवाही शुरू कर दी है। खाद्य सचिव सुशील कुमार ने बताया कि राज्य के मैदानी जिलों में करीब पाच महीने का खाद्यान्न गोदामों में है। 

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पर्वतीय जिलों में अप्रैल माह का 95 फीसद खाद्यान्न की आपूर्ति हो चुकी है। अगले महीनों मई और जून के लिए गेहूं की खरीद एफसीआइ से की जाएगी। एफसीआइ पंजाब व अन्य स्थानों से इसकी आपूर्ति करेगा। राज्य के पास स्टेट पूल का चावल पर्याप्त है। इन्हें पर्वतीय क्षेत्रों के गोदामों को भेजा जाएगा।

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