यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड: लगातार बाधित हो रहे चारधाम यात्रा मार्ग, बागेश्वर में पांच परिवार बेघर
उत्तराखंड में बारिश और भूस्खलन के चलते चार धाम यात्रा मार्गों के निरंतर अंतराल पर बाधित होने का क्रम जारी है।

देहरादून, जेएनएन। बारिश और भूस्खलन के चलते चार धाम यात्रा मार्गों के निरंतर अंतराल पर बाधित होने का क्रम जारी है। बुधवार को भी यमुनोत्री और बदरीनाथ राजमार्ग मलबा आने से बाधित रहे। वहीं, कुमाऊं के पिथौरागढ़ के धापा गांव में बोल्डर गिरने से दो मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इस दुर्घटना में परिवार के सदस्य बाल-बाल बचे। मौसम विभाग के अनुसार अगले चौबीस घंटे पहाड़ों में बारिश जारी रहेगी। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के भी आसार हैं।
चमोली के लामबगड़ और पागलनाला में बुधवार को मलबा आने के कारण बदरीनाथ हाईवे सुबह करीब तीन घंटे अवरुद्ध रहा। पागलनाला में आए मलबे में उत्तराखंड परिवहन निगम की एक बस भी फंस गई। करीब सुबह दस बजे दोनों स्थानों पर मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया गया। उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पालीगाड के पास भूस्खलन होने से करीब चार घंटे बंद रहा। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
गंगोत्री और केदारनाथ हाईवे में यातायात सुचारू रहा। बागेश्वर में अतिवृष्टि से पांच परिवार बेघर हो गए हैं। सरयू-गोमती का जलस्तर बढ़ने से भारी मात्रा में सिल्ट आ गया है। जिससे पेयजल व्यवस्था चरमरा गई है।

पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण वाहन क्षतिग्रस्त
चमोली टैक्सी स्टैंड के पास शाम को अचानक पहाड़ी से एक साथ कई पत्थर गिरे। पहाड़ी के नीचे खड़ा एक वाहन पत्थरों की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गया। गनीमत रही कि जिस समय वाहन पर पत्थर गिरे, उसमें कोई भी व्यक्ति सवार नहीं था।
दो घरों पर खतरा
पिथौरागढ़ जिले में भी बारिश आफत बनकर बरस रही है। मुनस्यारी में तहसील मुख्यालय से 12 किमी दूर स्थित धापा गांव में पहाड़ की तरफ से पत्थर गिर रहे हैं। इससे दो मकान खतरे में आ चुके है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल बन गया है।

