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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

22 जून से आमजन के लिए खुलेगा आरटीओ कार्यालय, आवेदन की संख्या तय

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Updated: Sat, 20 Jun 2020 11:18 AM (IST)

कोरोना संक्रमण के चलते जनता के लिए बंद किया गया आरटीओ कार्यालय तीन माह बाद 22 जून यानी सोमवार को जनता के लिए खोला जा रहा। एक दिन में कार्यो के आवेदन की संख्या तय कर दी गई है।

22 जून से आमजन के लिए खुलेगा आरटीओ कार्यालय, आवेदन की संख्या तय
22 जून से आमजन के लिए खुलेगा आरटीओ कार्यालय, आवेदन की संख्या तय

देहरादून, जेएनएन। कोरोना संक्रमण के चलते जनता के लिए बंद किया गया आरटीओ कार्यालय तीन माह बाद 22 जून यानी सोमवार को जनता के लिए खोला जा रहा। नए नियमों के तहत एक दिन में कार्यो के आवेदन की संख्या तय कर दी गई है। एक दिन में हर कार्य के लिए महज 20 लोगों के आवेदन ही स्वीकार किए जाएंगे।

डीएम के आदेश पर एसओपी के अंतर्गत आरटीओ कार्यालय खोलने की मंजूरी मिल गई है। आरटीओ दिनेश चंद्र पठोई ने अन्य अधिकारियों के साथ एसओपी बनाई व सोमवार से कार्यालय में काम जनता के लिए शुरू करने के आदेश दिए। हालांकि, नए ड्राइविंग लाइसेंस या लर्निग से परमानेंट लाइसेंस बनाने वालों को अभी इंतजार करना होगा। यह कार्य अगले माह तक शुरू होने की उम्मीद है।

एक दिन पहले करना होगा आवेदन

आरटीओ में कोई भी काम कराने के लिए एक दिन पहले आवेदन करना होगा। इसके लिए आरटीओ कार्यालय के लैंडलाइन फोन नंबर (0135-2743432) पर आवेदक को कॉल कर अपने कार्य से संबंधित आवेदन दर्ज कराना होगा। एक दिन में हर कार्य के लिए पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर 20 ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। 

सभी कार्यो को मिलाकर कुल 100 आवेदन एक दिन के लिए मंजूर होंगे व उसके बाद कोई आवेदन मंजूर नहीं होगा। आवेदन पंजीकृत के बाद आवेदक को अगले दिन सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक आरटीओ पहुंच काम कराना होगा। इसके तीन दिन के बाद दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे के बीच उसके प्रमाण-पत्र जारी किए जाएंगे। पहले दिन आवेदन के बाद यह प्रक्रिया नियमित रूप से चलती रहेगी।

25 शिकायतों की होगी सुनवाई

एसओपी के तहत आरटीओ में अगर किसी को शिकायत करनी है तो उसे एक दिन पहले दूरभाष पर आवेदन करना होगा और एक दिन में 25 लोगों की शिकायत पर ही सुनवाई की जाएगी।

दो मार्च से बंद पड़ा हैं कार्य

आरटीओ में कामकाज कोरोना से पहले दो मार्च से ही बंद है। दरअसल, राज्य में जनरल-ओबीसी कर्मचारियों की हड़ताल के चलते कार्यालय में कामकाज नहीं हुआ था। होली के बाद जब हड़ताल खुली तो कोरोना के चलते कार्यालय बंद हो गया। इसके चलते तमाम कार्य अटके हुए हैं।

ये कार्य होंगे शुरू

ड्राइविंग लाइसेंस: पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण, नाम-पता बदलाव, डुप्लीकेट लाइसेंस जारी करने का कार्य। इस दौरान नए लर्निग लाइसेंस व लर्निग से परमानेंट लाइसेंस के आवेदन नहीं होंगे स्वीकार।

वाहन फिटनेस: वाहनों की फिटनेस का कार्य आशारोड़ी चेकपोस्ट पर होगा।

नए वाहन पंजीकरण: यह पंजीकरण पहले से डीलर प्वाइंट पर किया जा रहा है और आगे भी इसी के तहत चलेगा।

परमिट: दून आरटीओ से जारी होने वाले परमिट से संबंधित सभी आवेदन।

प्रवर्तन: प्रवर्तन अधिकारियों द्वारा किए गए चालान का निस्तारण।

टैक्स: पूर्व में पंजीकृत सभी वाहनों के टैक्स से जुड़े कार्य।

सूचना का अधिकार: आरटीआई के तहत आवेदनों का निस्तारण सीमित संख्या के तहत किया जाएगा।

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अन्य: यदि परिवहन यूनियनों या संगठनों के जरिए अलग-अलग आवेदन किए जाते हैं तो शारीरिक दूरी के नियमों के तहत इन लोगों को आफिस आने की छूट दी गई है। इनमें वाहनों के सरेंडर करने के आवेदन भी शामिल होंगे। यह आवेदन आरटीओ और एआरटीओ के अनुमोदन के बाद ही मंजूर किए जाएंगे।

(नोट: उपरोक्त सभी कार्यो के लिए एक दिन में 20-20 आवेदन ही स्वीकार होंगे। एक दिन में 20 वाहनों की फिटनेस ही की जाएगी।)

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