यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
समानता मंच ने किया आरक्षण अवधि बढ़ाने का विरोध, डीएम को सौंपा ज्ञापन Dehradun News
समानता मंच उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी सी रविशंकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आरक्षण की अवधि बढ़ाने का विरोध किया।

देहरादून, जेएनएन। अखिल भारतीय समानता मंच उत्तराखंड के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी सी रविशंकर से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने 25 जनवरी 2020 के बाद से आगामी दस वर्षो के लिए देश में आरक्षण अवधि बढ़ाने संबंधी बिल का पुरजोर विरोध किया। इस संबंध में डीएम के माध्यम से ज्ञापन लोकसभा अध्यक्ष को प्रेषित किया।
प्रदर्शन के दौरान मंच के प्रांतीय अध्यक्ष एसएल बिंजोला ने कहा कि नये भारत का निर्माण करना है तो आरक्षण को समाप्त करना होगा। अभी देश के हर जाति, धर्म और समुदाय के लोगों को आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान होंगे। मंच के महासचिव जेपी कुकरेती ने कहा कि 26 जनवरी 1950 को संविधान में पिछड़ों के लिए दस वर्ष के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई थी। इस आरक्षण की आज तक समीक्षा नहीं की गई।
सामाजिक कार्यकर्ता रविंद्र जठेड़ी आरक्षण के प्राविधान वाली संविधान की अस्थायी धारा 334 के विरोध में 17 नवंबर, 2019 से दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि आगामी संसद सत्र में केंद्र सरकार दोनों सदनों में आरक्षण बिल को पारित कर कानून बनाने की तैयारी में है। इस मौके पर वीरेंद्र सिंह गुसाई, प्रेम प्रकाश शैली, वीके धस्माना, एसके शुक्ला, एसएस भंडारी, वीपी नौटियाल, दिवाकर धस्माना आदि मौजूद रहे।
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14 को गांधी पार्क में सांकेतिक धरना
मंच के महासचिव जेपी कुकरेती ने बताया कि आगामी 14 दिसंबर को गांधी पार्क में सुबह 10 बजे से जातिगत आरक्षण के खिलाफ सांकेतिक धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आरक्षण के विरोध में आम आदमी की इसमें सहभागिता होगी।
