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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    देहरादून में शर्मसार करने वाली घटना, पंजाब की नाबालिग लड़की से रोडवेज बस में गैंगरेप- हरकत में आई पुलिस

    Updated: Sat, 17 Aug 2024 10:20 PM (IST)

    पीड़िता ने बताया कि कुछ देर में दो और लोग बस में आ गए। उन सभी ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम ने कई बार किशोरी की काउंस ...और पढ़ें

    एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
    एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    HighLights

    1. मुरादाबाद से परिवहन निगम की बस में रात ढाई बजे दून आइएसबीटी पहुंची थी किशोरी
    2. बदहवास हालत में चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की टीम ने किया रेस्क्यू, मुकदमा दर्ज
    3. मुरादाबाद से देहरादून पहुंची थी लड़की

    जागरण संवाददाता, देहरादून। कोलकाता में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म के बाद हत्या को लेकर पूरा देश पहले ही आक्रोश में है, इसी बीच शनिवार को देहरादून स्थित अंतरराज्यीय बस अड्डा (आइएसबीटी) परिसर में खड़ी बस में 16 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना का मामला सामने आ गया।

    12-13 अगस्त की बताई जा रही है घटना

    घटना 12-13 अगस्त मध्य रात्रि की बताई जा रही। पीड़िता मानसिक रूप से कुछ अस्वस्थ बताई जा रही है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने उसे बदहवास स्थिति में आइएसबीटी से रेस्क्यू किया। किशोरी पंजाब की निवासी बताई जा रही है। वह पंजाब से दिल्ली पहुंची और वहां से मुरादाबाद। इसके बाद परिवहन निगम की बस से देहरादून पहुंची थी। कमेटी के सदस्यों ने जब किशोरी की काउंसिलिंग की तो घटना का पता चला।

    शनिवार शाम चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने आइएसबीटी पुलिस चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने भी आइएसबीटी चौकी पहुंचकर घटना की जानकारी ली। उनके निर्देश पर पुलिस ने चार अज्ञात लोगों पर सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कर लिया।

    चाइल्ड हेल्पलाइन को बदहवास हालत में मिली थी लड़की 

    चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य प्रीति थपलियाल ने बताया कि 13 अगस्त की शाम आइएसबीटी के बाहर हेल्पलाइन की टीम ने एक किशोरी को बदहवास स्थिति में देखा। इसके बाद टीम उसे आइएसबीटी परिसर में बने चाइल्ड हेल्पलाइन बूथ पर ले गई। वहां किशोरी से पूछताछ की, लेकिन वह रोती रही। उसने बताया कि उसके साथ गलत काम हुआ है। मामले की गंभीरता देख हेल्पलाइन की टीम किशोरी को बालिका निकेतन ले गई और उसकी काउंसिलिंग कराई गई।

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    बहन और जीजा ने घर से निकाल दिया था 

    काउंसिलिंग के दौरान किशोरी ने बताया कि वह पंजाब की रहने वाली है और मुस्लिम है। उसकी आयु करीब 16 वर्ष है। किशोरी ने बताया कि उसके माता-पिता का देहांत हो चुका है। वह अपनी बहन व जीजा के साथ रहती थी। बहन व जीजा ने 11 अगस्त को उसे घर से निकाल दिया। जिसके बाद वह बस से दिल्ली पहुंची। वहां से दूसरी बस से मुरादाबाद पहुंची और वहां 12 अगस्त की शाम उसे देहरादून जाने वाली बस दिखी तो वह उसमें बैठ गई।

    रात करीब ढाई बजे देहरादून पहुंचने पर जब बस आइएसटीबी के भीतर गई तो सभी लोग उतर गए। पीड़िता ने बताया कि वह बस में ही बैठी थी। उसके अलावा दो लोग (संभवत: चालक व परिचालक) बस में और थे। 

    उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की हो सकती है बस

    चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की सदस्य प्रीति थपलियाल ने बताया कि पीड़िता ने काउंसिलिंग के दौरान लाल रंग की बस होने का जिक्र किया है। इसके बाद टीम की टीम उसे आइएसबीटी परिसर भी ले गई और वहां खड़ी बसों को दिखाया। जिसमें किशोरी ने उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की लाल बस की ओर इशारा भी किया।

    ऐसे में जांच टीम मान रही है कि घटना जिस बस में हुई, वह उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की हो सकती है। पुलिस सीसीटीवी कैमरों की जांच कर यह पता लगा रही है कि घटना वाली रात कौन-कौन सी बसें आइएसबीटी में दाखिल हुईं।

    परिवहन निगम का कर्मी हिरासत में लिया

    घटना का पता लगते ही जांच में जुटी पुलिस ने आइएसबीटी में उत्तराखंड परिवहन निगम के एक काउंटर पर बैठे कैशियर को हिरासत में ले लिया। सूत्रों ने बताया कि उक्त कर्मचारी परिचालक है, लेकिन उससे कैशियर का कार्य लिया जा रहा है। पुलिस उससे सघन पूछताछ कर रही है। सूत्र बता रहे कि घटना की रात संबंधित कर्मचारी आइएसबीटी पर मौजूद था। इसके अतिरिक्त एक और व्यक्ति को पुलिस ने हिरासत में लिया है।

    आइएसबीटी में सुरक्षा के नहीं कोई प्रबंध

    देहरादून आइएसबीटी परिसर में सुरक्षा के कोई प्रबंध नहीं हैं। भीड़भाड़ के बावजूद न तो यहां प्रवेश और निकास द्वार पर मेटल डिटेक्टर डोर जैसी व्यवस्था है और न ही यहां पुलिस तैनात रहती है। रात में जो बसें आती हैं, वह अंधेरे में पीछे की ओर खड़ी रहती हैं, जिनमें कोई भी घटना को अंजाम दिया जा सकता है। यही नहीं, यहां दिल्ली आइएसबीटी की तरह यात्रियों को प्रवेश द्वार के बाहर उतारकर बस भीतर जाने जैसी व्यवस्था भी नहीं है।

    चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की ओर से किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म की शिकायत शनिवार की शाम दी गई। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के संज्ञान में 13 अगस्त को घटना आ गई थी, लेकिन उन्होंने चार दिन काउंसलिंग करने के बाद अब पुलिस को सूचना दी है। सूचना मिलते ही तत्काल अलग-अलग टीमों को जांच में लगा दिया गया है। आइएसबीटी में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले जा रहे हैं। पीड़िता से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन वह सटीक जानकारी नहीं दे पा रही है। वह अब तक अपने स्वजन के बारे में भी उचित जानकारी नहीं दे पाई है।

    -अजय सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून