यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
देहरादून में बांटी गई छात्रवृत्ति का हिसाब लगा रही एसआइटी Dehradun News
एसआइटी दून के 30 कॉलेजों को समाज कल्याण विभाग से जारी हुई छात्रवृत्ति का हिसाब लगाने में जुटी है।

देहरादून, जेएनएन। एसआइटी दून के 30 कॉलेजों को समाज कल्याण विभाग से जारी हुई छात्रवृत्ति का हिसाब लगाने में जुटी है। इसमें कॉलेज को प्राप्त और कॉलेज ने छात्रों को बांटी गई छात्रवृत्ति को लेकर अलग-अलग ब्योरा जुटाया जा रहा है। खासकर बैंक डिटेल से लेकर छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले प्रत्येक छात्र के बयानों से घोटाले के राज खोलने की तैयारी चल रही है।
दशमोत्तर छात्रवृत्ति घोटाले में दून के कॉलेजों पर एसआइटी की कार्रवाई काफी नजदीक पहुंच गई है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व में जिन 26 कॉलेजों की जांच चल रही थी, उसमें सात कॉलेजों के खिलाफ पहले ही पुख्ता सबूत मिल गए थे। बाद में चार नए कॉलेज भी इनमें शामिल किए गए। अब 30 कॉलेजों की जांच एसआइटी की टीम कर रही है। इन कॉलेजों में 20 करोड़ से ज्यादा की छात्रवृत्ति बांटी गई थी। एसआइटी इन कॉलेजों को मिली धनराशि का मिलान बैंक, समाज कल्याण, कॉलेज के खातों और प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं के खातों के आधार पर जांच कर रही है।
अभी तक की जांच सिर्फ प्रेमनगर क्षेत्र के कॉलेजों तक सीमित है। जबकि घोटाले में सेलाकुई, विकासनगर, ऋषिकेश, डोईवाला, रायपुर, राजपुर और क्लेमनटाउन तक के कॉलेज शामिल हैं।
अशोक कुमार (पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था) का कहना है कि दून के कॉलेजों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं। कॉलेज और समाज कल्याण से मिले दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह बड़ी कार्रवाई हो सकती है। जांच पूरी तरह से निष्पक्ष की जा रही है।

