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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अब आर-पार की लड़ाई को तैयार राज्य आंदोलनकारी Dehradun News

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 27 Dec 2019 12:08 PM (IST)

उपेक्षा से आक्रोशित उत्तराखंड राज्य चिह्नित आंदोलनकारी समिति ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। आंदोलन की रणनीति को 2 जनवरी को दून में प्रदेशभर के आंदोलनकारी जुटेंगे।

अब आर-पार की लड़ाई को तैयार राज्य आंदोलनकारी Dehradun News
अब आर-पार की लड़ाई को तैयार राज्य आंदोलनकारी Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा से आक्रोशित उत्तराखंड राज्य चिह्नित आंदोलनकारी समिति ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए 12 जनवरी को दून में प्रदेशभर के आंदोलनकारी जुटेंगे।  

गांधी पार्क में आयोजित बैठक में समिति के जिला महामंत्री चिंतन सकलानी ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान मांगों को लेकर आंदोलनकारियों ने विधानसभा कूच किया था। उस समय 20 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री से बातचीत कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उनसे किसी ने बात नहीं की। 

उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारी की एक समान पेंशन, दस प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और स्थायी राजधानी गैरसैंण की मांगों पर सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इससे राज्य आंदोलनकारियों में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने कि सरकार की उपेक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए 12 दिसंबर को दून में प्रदेश भर के राज्य आंदोलनकारी जुटेंगे और आगामी आंदोलन के लिए रणनीति बनाएंगे। 

बैठक में सावित्री नेगी, लोक बहादुर थापा, जबर सिंह पावेल, प्रभात डंडरियाल, बीरा भंडारी, मधु डबराल, पार्वती गुसाई, राकेश नेगी, मोनू थापा, उषा नेगी, गुड्डी गुसाई, सुखदेव कंडवाल आदि मौजूद रहे।

भारत बचाओ-संविधान बचाओ पदयात्रा को बनाई रणनीति

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में 'भारत बचाओ-संविधान बचाओ' पदयात्रा की तैयारियों को लेकर चर्चा की गई। बैठक में महानगर के पदाधिकारियों व वार्ड अध्यक्षों ने भाग लिया।   

प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मोदी राज में पूरे देश की जनता त्रस्त है। केंद्र सरकार देश के संविधान के खिलाफ निर्णय ले रही है। जिससे पूरे देश में अराजकता का माहौल है। भाजपा सरकार में गरीब, अल्पसंख्यक, किसान व महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। देश की अर्थ व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली के रामलीला मैदान में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में हुई सफल रैली और झारखंड विधानसभा के चुनाव नतीजों से यह साबित हो चुका है कि भाजपा की नीतियों से जनता आजिज आ चुकी है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से 28 दिसम्बर को दून में होने वाली 'भारत बचाओ-संविधान बचाओ' पदयात्रा में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान किया। 

बैठक में महानगर अध्यक्ष लालचंद शर्मा, पीके अग्रवाल, अशोक वर्मा, लक्ष्मी अग्रवाल, कमलेश रमन, ताहिर अली, अनूप कपूर, पार्षद आयुष गुप्ता, मुकीम अहमद, मुकेश सोनकर, महानगर प्रवक्ता प्रतिमा सिंह आदि उपस्थित रहे। 

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भारत बचाओ-संविधान बचाओ रैली 28 को

बालावाला स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में हुई बैठक में कांग्रेस के पूर्व सदस्यों व कांग्रेसी विचारधारा से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने शिरकत की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए कवींद्र इष्टवाल ने कहा कि वर्तमान में देश तमाम तरह के संकट से जूझ रहा है। लिहाजा, इसके लिए सभी वर्ग के लोगों को एकजुट होकर आवाज उठाने की जरूरत है। बैठक में बुद्धदेव सेमवाल, मामचंद खत्री, धनवीर राणा, अरुण पाल, राहुल खरोला, आशीष खत्री, सागर बिष्ट, पंकज जोशी, राहुल राणा, नीरज त्यागी आदि उपस्थित रहे।

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