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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उज्ज्वला सिलेंडर की मुफ्त डिलीवरी के कड़े नियम, भरवाना होगा फॉर्म Dehradun News

By Bhanu Prakash SharmaEdited By:
Updated: Fri, 10 Apr 2020 11:43 AM (IST)

उज्जवला के मुफ्त सिलेंडर के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। एजेंसियों को गैस डिलीवर करते समय कनेक्शन धारक से एनेक्सचर फॉर्म भरवाना होगा। फार्म पर उपभोक्ता के हस्ताक्षर भी अनिवार्य हैं।

उज्ज्वला सिलेंडर की मुफ्त डिलीवरी के कड़े नियम, भरवाना होगा फॉर्म Dehradun News
उज्ज्वला सिलेंडर की मुफ्त डिलीवरी के कड़े नियम, भरवाना होगा फॉर्म Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। केंद्र सरकार उज्ज्वला कनेक्शन धारकों को तीन महीने मुफ्त में घरेलू सिलेंडर उपलब्ध कराएगी। इसकी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस योजना का फायदा अन्य लोग न उठा पाएं, इसके लिए सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं। गैस एजेंसियों को उज्ज्वला के तहत गैस डिलीवर करते समय कनेक्शन धारक से एनेक्सचर फॉर्म भरवाना होगा। फार्म पर उपभोक्ता के हस्ताक्षर भी अनिवार्य रूप से लेने होंगे।

उत्तराखंड में उज्ज्वला योजना के तहत चार लाख, 46 हजार, 94 उपभोक्ता पंजीकृत हैं। अकेले देहरादून में उज्ज्वला कनेक्शन धारकों की संख्या 47 हजार, एक सौ 38 है। यह आंकड़े आइओसी एचपीसीएल और बीपीसीएल तीनों कंपनियों के हैं। आगामी तीन महीनों के लिए इस सुविधा का लाभ लेने के लिए उज्ज्वला कनेक्शन धारक को अपने पंजीकृत नंबर से ही सिलेंडर की बुकिंग करवानी होगी। 

अनुराग गैस एजेंसी के संचालक अनुराग जैन ने बताया कि एचपीसीएल ने उज्ज्वला के तहत सिलेंडर डिलीवर होने के समय उपभोक्ता से एक एनेक्सचर फॉर्म भरवाया जाएगा। इस फार्म पर कनेक्शन धारक से जुड़ी तमाम डिटेल्स होंगी। फॉर्म पर कनेक्शन धारक का हस्ताक्षर भी अनिवार्य रूप से लेना होगा। उसके बाद कनेक्शन धारक के पंजीकृत मोबाइल नंबर से ओटीपी भी जनरेट किया जाएगा।

बैंक खाता और मोबाइल नंबर अपडेट करना भी एजेंसी की जिम्मेदारी

गैस सिलेंडर रिफिल के लिए केंद्र सरकार ने गैस कंपनियों को पैसा भेज दिया है। अब उज्ज्वला कनेक्शन धारकों के खाते में पैसा डालने की जिम्मेदारी गैस कंपनियों की है। गैस कंपनी उपभोक्ताओं के खाते में पैसे डालने के बाद उपभोक्ता और गैस एजेंसी संचालक को मैसेज करेंगीे। वहीं जिन कनेक्शन धारकों के मोबाइल नंबर बदल गए या बैंक खाता बंद हो गया है, उनको भी लाभ पहुंचाने की जिम्मेदारी एजेंसी संचालक की होगी। संचालक को ही डिलीवरी ब्वॉय से कनेक्शन धारक के घर जाकर खाता और मोबाइल नंबर अपडेट करना होगा।

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केवाईसी को लेकर असमंजस

रिफिलिंग को लेकर उपभोक्ताओं और गैस एजेंसियों में असमंजस की स्थिति है। दरअसल, कई कनेक्शन धारकों ने लंबे समय से गैस सिलेंडर रिफिल नहीं करवाई है। ऐसे में आइओसी के क्षेत्रीय सेल्स मैनेजर सुधीर कश्यप ने बताया कि किसी भी उपभोक्ता की केवाईसी तीन साल बाद ही करवाई जाती है। उन्होंने एजेंसी संचालकों से बिना वजह उपभोक्ताओं को गैस एजेंसी पर ना बुलाने की अपील की।

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