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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 27, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पंचायत प्रतिनिधियों के हितों के लिए हर स्तर पर होगी लड़ाई Dehradun News

By BhanuEdited By:
Updated: Fri, 27 Sep 2019 01:19 PM (IST)

पंचायत जनाधिकार मंच 73वें संविधान संशोधन के अनुसार पंचायतों को 29 विषयों पर अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। इसके लिए पंचायत चुनाव के बाद अभियान चलाया जाएगा।

पंचायत प्रतिनिधियों के हितों के लिए हर स्तर पर होगी लड़ाई Dehradun News
पंचायत प्रतिनिधियों के हितों के लिए हर स्तर पर होगी लड़ाई Dehradun News

देहरादून, जेएनएन। पंचायत जनाधिकार मंच 73वें संविधान संशोधन के अनुसार पंचायतों को 29 विषयों पर अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करेगी। इसके लिए पंचायत चुनाव के बाद अभियान चलाया जाएगा। 

पंचायत जनाधिकार मंच के संस्थापक जोत सिंह बिष्ट ने हिंदी भवन में पत्रकारों से वार्ता में बताया कि हाई कोर्ट ने दो से अधिक बच्चों के माता पिता की कट ऑफ डेट 25 जुलाई 2019 निर्धारित कर प्रदेश के 12 जिलों में 62 हजार से ज्यादा लोगों को चुनाव लडऩे का अवसर दिया। 

इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, लेकिन वहां भी इस फैसले पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। वहीं क्षेत्र एवं जिला पंचायत सदस्यों के 3200 पदों पर नामांकन दाखिल कर चुके लोगों को न्याय नहीं दिलाने पर अफसोस जताया। बिष्ट ने कहा कि इस लड़ाई को सिर्फ न्यायालय तक ही सीमित नहीं रखा जाएगा। चुनाव होने के बाद पुराने और नए पंचायत प्रतिनिधियों को जोड़कर अभियान छेड़ा जाएगा। 

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इनमें निर्वाचित प्रतिनिधियों को चुनाव के तीन महीने के भीतर प्रशिक्षण दिलाने, उचित मानदेय का भुगतान, क्षेत्र भ्रमण के लिए संसाधन मुहैया कराने, 73वें संविधान संशोधन में पंचायत प्रतिनिधि को 29 विषयों पर अधिकार देने के निर्देश है। इसका पूरी तरह से क्रियान्वयन कराने के लिए संघर्ष किया जाएगा। इस दौरान अश्विन बहुगुणा, वीरेंद्र सिंह कंडारी आदि शामिल रहे।

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