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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अवैध मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों का स्कूलों में दिलाएंगे दाखिला, बोर्ड की तरफ से जिलाधिकारियों को भेजी जाएगी चिट्ठी

    Updated: Mon, 31 Mar 2025 05:40 PM (GMT+05:30)

    उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर कार्रवाई के बीच सरकार ने वहां पढ़ने वाले बच्चों की चिंता जताई है। इन बच्चों को नजदीकी स्कूलों या मान्यता प्राप्त मदरसों म ...और पढ़ें

    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। जागरण
    तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। जागरण

    HighLights

    1. मदरसा शिक्षा बोर्ड इस सिलसिले में संबंधित जिलाधिकारियों को भेजने जा रहा पत्र
    2. राज्य के विभिन्न जिलों में अब तक सील किए जा चुके हैं 160 से ज्यादा अवैध मदरसे

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में अवैध रूप से संचालित मदरसों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच वहां पढ़ने वाले बच्चों की भी सरकार चिंता कर रही है। इन बच्चों को नजदीकी स्कूलों अथवा मान्यता प्राप्त मदरसों में उनकी अभिरुचि के अनुसार दाखिला दिलाया जाएगा।

    उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड इस सिलसिले में संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजने जा रहा है।  बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी ने इसकी पुष्टि की।  राज्य में मदरसा शिक्षा बोर्ड में पंजीकृत 450 के लगभग मदरसे मान्यता प्राप्त हैं, जबकि 500 से ज्यादा बगैर किसी मान्यता के संचालित हो रहे हैं।

    देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर जिलों में अवैध रूप से संचालित मदरसों की संख्या अधिक है, जबकि अन्य जिलों में भी ऐसे मदरसे चल रहे हैं।   इस सबको देखते हुए सरकार ने अवैध मदरसों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया है।

    अभी तक राज्य के विभिन्न जिलों में 160 से ज्यादा मदरसे सील किए जा चुके हैं।  साथ ही, सरकार ने इन मदरसों को होने वाली फंडिंग की जांच कराने के आदेश जिलाधिकारियों को दिए है। यही नहीं, मदरसों को मान्यता देने की व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी है।

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    इसके साथ ही सरकार अब अवैध मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों की चिंता भी कर रही है। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ्ती शमून कासमी के अनुसार बिना पंजीकरण व मान्यता के चल रहे अवैध मदरसों पर कार्रवाई की जा रही है।

    इसमें किसी प्रकार का कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सील किए गए मदरसों में पढ़ रहे बच्चों को नजदीकी सरकारी स्कूलों अथवा मान्यता प्राप्त मदरसों में दाखिला दिलाने का निश्चय किया गया है। इस सिलसिले में जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर अनुरोध किया जाएगा।

    अवैध मदरसों पर कार्रवाई पर कांग्रेस मुखर

    सरकारी आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में बगैर पंजीकरण के संचालित हो रहे मदरसों की संख्या लगभग 500 है। कई जिलों में अब तक 159 से अधिक मदरसों पर कार्रवाई हो चुकी है। ऊधम सिंह नगर में सबसे अधिक 64 मदरसों को सील किया गया है। इसके बाद देहरादून और हरिद्वार जिलों में मदरसों पर कार्रवाई की गई।

    कांग्रेस मदरसों पर कार्रवाई को लेकर सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर रही है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के नेतृत्व में हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिलों के विधायकों एवं अन्य नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गत गुरुवार सचिवालय में मुख्य सचिव राधा रतूड़ी से भेंट कर इस कार्रवाई का विरोध कर चुका है।

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