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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 19, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

5000 करोड़ तक हो सकता है अनुपूरक बजट आकार, पढ़िए पूरी खबर

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Updated: Wed, 20 Nov 2019 08:16 PM (IST)

उत्तराखंड में चालू वित्तीय वर्ष के लिए पहला अनुपूरक बजट चार से पांच हजार करोड़ तक रह सकता है। सरकार ने विभागों से अनुपूरक मांगों के संबंध में प्रस्ताव जल्द देने को कहा है।

5000 करोड़ तक हो सकता है अनुपूरक बजट आकार, पढ़िए पूरी खबर
5000 करोड़ तक हो सकता है अनुपूरक बजट आकार, पढ़िए पूरी खबर

देहरादून, राज्य ब्यूरो। चालू वित्तीय वर्ष के लिए पहला अनुपूरक बजट चार से पांच हजार करोड़ तक रह सकता है। सरकार ने विभागों से अनुपूरक मांगों के संबंध में प्रस्ताव जल्द देने को कहा है। 

उत्तराखंड में विधानसभा सत्र आगामी चार दिसंबर से शुरू होगा। विधानसभा सत्र दस दिसंबर तक चलेगा। सत्र में चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए पहला अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। राज्य सरकार ने तमाम महकमों से बीती 15 नवंबर तक अनुपूरक मांगों के संबंध में प्रस्ताव देने के निर्देश दिए थे। इस तिथि बीतने के बावजूद कई महकमों ने अनुपूरक प्रस्ताव नहीं सौंपे हैं। अब महकमों को प्रस्ताव के लिए तकरीबन दस दिन का समय और मिल गया है। दरअसल, कैबिनेट की बैठक 20 नवंबर को प्रस्तावित थी, लेकिन यह बैठक अब 27 नवंबर को होगी। महकमे अब कैबिनेट बैठक से पहले अनुपूरक बजट के प्रस्ताव दे सकेंगे।

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सूत्रों के मुताबिक अनुपूरक मांगों में देरी के चलते ही कैबिनेट की तिथि में बदलाव किया गया। प्रथम अनुपूरक मांग के लिए वेतन-भत्ते वचनबद्ध मदों के साथ ही केंद्रपोषित योजनाओं, बाह्य सहायतित योजनाओं, नाबार्ड वित्तपोषित योजनाओं के मद में कम पड़ रही धनराशि और राज्य आकस्मिकता निधि से आहरित धनराशि की प्रतिपूर्ति के प्रस्ताव प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराने के निर्देश वित्त सचिव अमित नेगी ने दिए हैं। सूत्रों के मुताबिक पहले अनुपूरक बजट का आकार चार से पांच हजार के बीच सीमित रह सकता है। दरअसल सरकार अनुपूरक बजट को भी सीमा में ही रखने के पक्ष में बताई जा रही है।

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