उत्तराखंड में उठेगी रोमांच की नई लहर: दिसंबर में टोंस नदी में होगी अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-कयाकिंग स्पर्धा
उत्तराखंड की टोंस नदी में दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-कयाकिंग स्पर्धा आयोजित होगी, जो साहसिक पर्यटन को नया आयाम देगी।

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
टोंस नदी पर दिसंबर में अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग स्पर्धा होगी
स्थानीय आर्थिकी को मिलेगा बढ़ावा, रोजगार के अवसर
उत्तराखंड पर्यटन परिषद द्वारा साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहन
केदार दत्त, देहरादून। मध्य हिमालयी राज्य उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन नए और रोमांचक दौर से गुजर रहा है।
नीती घाटी में एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन के जरिये दुर्गम व बर्फीली चोटियों पर देश-विदेश के धावकों को अपनी सहनशक्ति का अहसास कराने के बाद अब रोमांच के इस ग्राफ को उफनती लहरों पर उतारने की तैयारी है।
इस कड़ी में आगामी दिसंबर में उत्तरकाशी जिले की टोंस नदी में अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-कयाकिंग स्पर्धा के माध्यम से रोमांच का नया अध्याय लिखा जाएगा।
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बार्डर टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पिछले वर्ष पिथौरागढ़ में आदि कैलास अल्ट्रा रन और इस वर्ष मई में चमोली जिले में नीती एक्सट्रीम अल्ट्रा रन का आयोजन किया।
पहाड़ की ऊंचाई पर मिली इस सफलता के बाद परिषद ने यमुना की सहायक टोंस नदी में अंतरराष्ट्रीय राफ्टिंग-क्याकिंग स्पर्धा पर ध्यान केंद्रित किया है। दिसंबर में होने वाले इस आयोजन की तिथियां जल्द तय की जाएंगी।
चुनौतीपूर्ण हैं टोंस नदी के रैपिड
टोंस नदी का प्रवाह काफी उग्र है। मोरी से लेकर हनोल और नैटवाड़ के बीच का जो हिस्सा है, उसमें ग्रेड-चार व पांच के रैपिड हैं।
पानी के तेज बहाव वाले इन मोड़ में भंवर भी बनते हैं, जिन्हें राफ्ट से पार करना चुनौतीपूर्ण होता है। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल के अनुसार यूरोपीय देशों और अमेरिका के कई खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा के लिए टोंस नदी को बेहतर बताया है।
राफ्टिंग-क्याकिंग स्पर्धा की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। हाल में ही लागू नियमों के तहत हर टीम के साथ पर्याप्त संख्या में रेस्क्यू क्याकर्स और लाइफ सपोर्टिंग उपकरण तैनात रहेंगे।
स्थानीय आर्थिकी भी संवरेगी
पर्यटन सचिव गर्ब्याल ने कहा कि टोंस में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा के आयोजन के पीछे जनजातीय जौनसार बावर और रंवाई क्षेत्र (टोंस घाटी) की स्थानीय आर्थिकी संवारना मुख्य उद्देश्य है।
नीती घाटी में एक्सट्रीम अल्ट्रा रन के बाद वहां जिस तरह से होम स्टे की क्षमता में बढ़ोतरी हुई, उसी तर्ज पर टोंस घाटी में भी होम स्टे, गाइड जैसे स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही इस क्षेत्र को वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान भी मिलेगी।
