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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    विधानसभा का बजट सत्र: राज्यपाल के अभिभाषण में दिखी उत्तराखंड को श्रेष्ठ राज्य बनाने को सरकार के प्रयासों की तस्वीर

    Updated: Mon, 26 Feb 2024 08:57 PM (IST)

    विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के प्रयासों की तस्वीर दिखी। सशक्त उत्तराखंड की अवधारणा को धरातल पर मूर्त रूप देने को चा ...और पढ़ें

    'सशक्त उत्तराखंड' की अवधारणा पर आगे बढ़ती धामी सरकार
    'सशक्त उत्तराखंड' की अवधारणा पर आगे बढ़ती धामी सरकार

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने की दिशा में धामी सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। अगले वर्ष जब उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करेगा, तब वह देश के श्रेष्ठ राज्यों की पांत में खड़ा हो, इसी दृष्टि से सरकार आगे बढ़ रही है।

    विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार के इन प्रयासों की तस्वीर दिखी। सशक्त उत्तराखंड की अवधारणा को धरातल पर मूर्त रूप देने को चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न मोर्चाें पर राज्य के नाम कई उपलब्धियां आईं तो तमाम नए कार्यों का इरादा भी जताया गया है।

    मातृशक्ति के सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है तो औद्योगिक विकास, रोजगार, ढांचागत विकास समेत अन्य विषय सरकार की प्राथमिकता में शामिल हैं।

    केंद्र की भांति राज्य सरकार भी महिला सशक्तीकरण पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किए हुए है। महिला स्वयं सहायता समूहों के सशक्तीकरण को लखपति दीदी, मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजनाएं लाई गई है, तो राज्याधीन सेवाओं में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तय किया गया है।

    सबसे महत्वपूर्ण यह कि सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने के दृष्टिगत विधेयक सदन में पारित कराया है। इसमें सभी धर्म-समुदाय की महिलाओं को विवाह, तलाक, गुजारा भत्ता, संपत्ति व उत्तराधिकार में समान अधिकार के प्रविधान हैं। राज्यपाल के अभिभाषण में भी इसका विशेष तौर से उल्लेख है। साथ ही महिला उत्थान को उठाए गए कदमों का ब्योरा दिया गया है।

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    औद्योगिक विकास और इसके माध्यम से रोजगार सृजन के दृष्टिगत गत वर्ष वैश्विक निवेशक सम्मेलन में हुए 3.56 करोड़ के एमओयू का उल्लेख अभिभाषण में है। सरकार अब तक लगभग 40 हजार करोड़ के निवेश प्रस्तावों की ग्राउंडिंग कराने जा रही है।

    अन्य प्रस्तावों को भी धरातल पर उतारने को सरकार तेजी से कदम बढ़ाएगी। सशक्त उत्तराखंड की अवधारणा के तहत राज्य को पांच साल में अग्रणी राज्य बनाने को तैयार सशक्त उत्तराखंड क्रियान्वयन योजना को मूर्त रूप देने की प्रतिबद्धता जाहिर की गई है।

    पर्यटन, तीर्थाटन राज्य की आर्थिकी की अहम धुरी हैं। इसी कड़ी में कुमाऊं क्षेत्र के लिए मानसखंड मंदिर माला मिशन में चिह्नित 48 पौराणिक मंदिरों में से प्रथम चरण में 16 में अवस्थापना विकास के काम चल रहे हैं, जबकि शेष पर अब सरकार आगे बढ़ेगी।

    अभिभाषण में उल्लेख है कि इन स्थलों तक यात्रियों की पहुंच सुगम बनाने को अपै्रल से रेल सेवा शुरू होने जा रही है। साथ ही नई पर्यटन नीति में पूंजी निवेश आकर्षित करने को 50 से 100 प्रतिशत तक अनुदान का प्रविधान किया गया है।

    पर्यटन के साथ ही स्थानीय निवासियों की सुविधा के दृष्टिगत 13 हेलीपैड बन चुके हैं। पीपीपी मोड में सात हेलीपोर्ट को भूमि चिह्नित की गई है। आदि कैलास, ओम पर्वत के दर्शन को सरकार हेली सेवा शुरू करने जा रही है।

    अभिभाषण में राज्य में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, दुर्गम क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, योग नीति का क्रियान्वयन, जलविद्युत परियोजनाओं में रायल्टी व जीएसटी में 50 प्रतिशत प्रतिपूर्ति, नई सौर ऊर्जा नीति से 2500 मेगावाट तक की सौर क्षमता, आपदा प्रबंधन को बेहतर ढांचा व आधुनिक तकनीकी का समावेश, बुग्यालों का संरक्षण, कृषि और श्रीअन्न को प्रोत्साहन, 38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी, सीमावर्ती गांवों का विकास, जमरानी बांध परियोजना, अपणु स्कूल-अपणु प्रमाणपत्र, शिक्षा, उच्च शिक्षा से संबंधित योजनाओं व कार्यक्रमों को रेखांकित किया गया है।