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धामी सरकार की नीतियों से उत्तराखंड के युवाओं के सपनों को मिली नई उड़ान

Published: Tue, 18 Aug 2026 06:08 PM (IST)

उत्तराखंड सरकार की दूरदर्शी नीतियों और मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में राज्य एक वाइब्रेंट स्टार्टअप हब के रूप में उभर ...और पढ़ें

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HighLights

  1. उत्तराखंड वाइब्रेंट स्टार्टअप हब के रूप में तेजी से उभर रहा है।

  2. सरकार ने युवाओं के लिए ₹200 करोड़ का वेंचर फंड स्थापित किया।

  3. राज्य में 1500 से अधिक स्टार्टअप्स सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।

डिजिटल टीम, देहरादून। अपनी प्राकृतिक सुंदरता और शांत वादियों के लिए प्रसिद्ध उत्तराखंड अब देश के मानचित्र पर एक वाइब्रेंट 'स्टार्टअप हब' के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों, सुदृढ़ इकोसिस्टम और युवाओं में उद्यमिता के प्रति बढ़ते उत्साह ने देवभूमि को इनोवेशन और स्वरोजगार का एक नया केंद्र बना दिया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रही है। सरकार का मुख्य फोकस राज्य के युवाओं की प्रतिभा, नवाचार (Innovation) और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना है, ताकि वे न केवल नौकरी पाने वाले बनें, बल्कि नौकरी देने वाले भी बनें।

धामी सरकार की प्रोत्साहन नीतियां और वित्तीय सहायता

उत्तराखंड सरकार स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपना रही है। स्टार्टअप्स की सबसे बड़ी चुनौती फंड की होती है। इसके समाधान के लिए राज्य सरकार ने ₹200 करोड़ का एक वेंचर फंड (Venture Fund) स्थापित किया है। यह फंड युवाओं के नवाचारों और नए उद्यमों को आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है, जिससे उन्हें अपने आइडिया को धरातल पर उतारने में मदद मिल रही है।
 
राज्य भर में विश्वस्तरीय इनक्यूबेशन सेंटर्स विकसित किए जा रहे हैं, जहाँ स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, तकनीकी सहायता, ऑफिस स्पेस और नेटवर्किंग के अवसर मिलते हैं। सरकार ने 'उत्तराखंड स्टार्टअप पॉलिसी' के तहत स्टार्टअप्स के लिए सरल पंजीकरण प्रक्रिया, स्टाम्प ड्यूटी में छूट, बिजली दरों में सब्सिडी, और पेटेंट फाइलिंग में वित्तीय सहायता जैसी कई रियायतें दी हैं।
 

पर्वतीय क्षेत्रों में स्टार्टअप्स के लिए लॉजिस्टिक्स एक बड़ी चुनौती है। सरकार 'यूनिटी मॉल' और डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से दूरदराज के क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को बाजार से जोड़ने और उनके उत्पादों की मार्केटिंग में मदद कर रही है।

 

राज्य सरकार के इन प्रयासों का असर जमीनी स्तर पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री धामी के अनुसार, 'वर्तमान में उत्तराखंड में भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 1,300 से अधिक स्टार्टअप्स और राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त 200 से अधिक स्टार्टअप्स सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं।' 

युवाओं की प्रतिभा पर मुख्यमंत्री का विश्वास

उत्तराखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम को और सुदृढ़ करने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हमारी सरकार उत्तराखंड के युवाओं में छिपे नवाचार, प्रतिभा और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित कर राज्य के स्टार्टअप इकोसिस्टम को लगातार सुदृढ़ कर रही है। हमारा लक्ष्य है कि देवभूमि के युवा अपनी प्रतिभा के दम पर न केवल प्रदेश, बल्कि देश और दुनिया में नाम कमाएं। हम उन्हें हर संभव सुविधा और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि उत्तराखंड आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़े।
 
उत्तराखंड में स्टार्टअप्स को लेकर बना यह सकारात्मक माहौल और सरकार का निरंतर समर्थन इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में देवभूमि न केवल आध्यात्मिकता, बल्कि उद्यमिता और नवाचार के क्षेत्र में भी देश का नेतृत्व करेगा। युवाओं के बढ़ते कदम आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण की मजबूत नींव रख रहे हैं।