SIR के बाद उत्तराखंड की अंतिम मतदाता सूची जारी, 71.59 लाख वोर्टर्स शामिल, 1.29 लाख बढ़े... यहां चेक करें अपना नाम
उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद आज मतदाता सूची की अंतिम तस्वीर साफ हो गई है।

इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद शनिवार को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर एक जुलाई 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर चलाए गए पुनरीक्षण अभियान के बाद अंतिम सूची में 71,58,949 मतदाता शामिल हैं। इनमें 37,37,701 पुरुष, 34,21,036 महिला और 212 थर्ड जेंडर मतदाता हैं।
प्रदेश में एसआईआर की शुरुआत आठ जून को हुई थी। उस समय मतदाता सूची में 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। गणना फार्म के वितरण एवं संकलन के बाद 14 जुलाई को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में 71,33,785 मतदाता शामिल थे।
इसके बाद 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे और आपत्तियां प्राप्त की गईं तथा 13 अगस्त से 28 सितंबर तक उनका निस्तारण किया गया। इसके बाद तीन अक्टूबर को अंतिम सूची प्रकाशित हुई।
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1.29 लाख नए मतदाता जुड़े
अंतिम सूची में दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद 1,29,872 नए मतदाताओं को शामिल किया गया, जबकि नियमानुसार 1,04,708 नाम विलोपित किए गए। प्रदेश में वर्तमान में 12,543 मतदेय स्थल हैं। अंतिम सूची में 18-19 आयुवर्ग के 72,656 तथा 80 वर्ष से अधिक आयु के 1,22,892 मतदाता हैं।
ये है वेबसाइट
मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट www.voter.eci.gov.in एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट www.ceo.uk.gov.in पर ऑनलाइन विजिट कर देखी जा सकती है। इसके साथ हीं डीईओ / ईआरओ कार्यालय एव बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है।
छूटे मतदाताओं के लिए चलेगा विशेष अभियान
अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद भी जो पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। पात्र व्यक्ति फार्म-6 के माध्यम से भारत निर्वाचन आयोग के नेट ऐप पर आनलाइन अथवा बीएलओ के माध्यम से आफलाइन आवेदन कर सकेंगे।
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बीएलओ प्री-एसआईआर से पहले की मतदाता सूची का वर्तमान सूची से मिलान करेंगे और छूटे मतदाताओं की बूथवार सूची तैयार करेंगे। इसके बाद घर-घर जाकर उनकी वर्तमान स्थिति का सत्यापन किया जाएगा तथा पात्र पाए जाने पर फार्म-6 भरने में सहायता की जाएगी। पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और छूटे हुए मतदाताओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।
बीएलओ तैयार सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ साझा करेंगे। इसके बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी भी बूथवार सूची राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराएंगे, ताकि छूटे हुए पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने का अवसर मिल सके।
नाइट शेल्टर, श्रमिक बस्तियों, बेघर और हाशिए पर रहने वाले लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष बूथ स्तरीय शिविर भी लगाए जाएंगे।
अंतिम मतदाता सूची भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की वेबसाइट पर देखी जा सकती है। इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारी, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी कार्यालय और संबंधित बीएलओ से भी सूची प्राप्त की जा सकती है।
