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    उत्तराखंड ग्रामीण बैंक घोटाला: पूर्व मैनेजर समेत 12 दोषियों को सजा सुनाई

    Updated: Wed, 01 Apr 2026 12:08 AM (IST)

    उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के बाजपुर शाखा में हुए करोड़ों के ऋण घोटाले में सीबीआई की विशेष अदालत ने 12 दोषियों को सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

    सांकेतिक तस्वीर।

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    जागरण संवाददाता, देहरादून। सीबीआइ की विशेष अदालत ने मंगलवार उत्तराखंड ग्रामीण बैंक की बाजपुर शाखा में हुए करोड़ों रुपये के ऋण घोटाले में शाखा प्रबंधक समेत 12 दोषियों को अलग-अलग सजा से दंडित किया है।

    अदालत ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर को चार साल की कठोर कैद और अन्य आरोपियों को एक-एक साल कैद व जुर्माना भरने की सजा सुनाई।

    दोषियों को बैंक के साथ ऋण के नाम पर धोखाधड़ी करने और भ्रष्टाचार का दोषी ठहराया है।

    मामला 19 जून 2018 को उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के प्रधान कार्यालय के महाप्रबंधक सत्यपाल सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया था।

    जांच में पाया गया कि वर्ष 2014-15 के दौरान बाजपुर शाखा के प्रबंधक दिनकर ने निजी ट्रैक्टर डीलर मैसर्स केजीएन ट्रैक्टर्स के साथ मिलकर एक साजिश रची।

    आरोपितों ने बैंक के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कृषि मशीनरी की वास्तविक खरीद किए बिना ही फर्जी तरीके से केसीसी और कृषि सावधि ऋण स्वीकृत और वितरित कर दिए। इस साजिश से बैंक को 3.39 करोड़ रुपये की वित्तीय हानि हुई।

    मामले में सीबीआइ ने कुल 17 आरोपितों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। मुकदमे के दौरान दो आरोपित दत्तार सिंह और कश्मीर सिंह की मृत्यु हो गई। तीन आरोपित मो. फुरकान, इरशाद और इमामुद्दीन ने पहले ही अपना जुर्म कबूल कर लिया था। बाकी 12 को अदालत ने अब सजा सुनाई है।

    सजा का विवरण

    • राम अवतार सिंह दिनकर (तत्कालीन शाखा प्रबंधक): भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, साजिश और धोखाधड़ी के तहत अधिकतम चार वर्ष का कठोर कारावास और कुल 50 हजार रुपये जुर्माना भरने का आदेश दिया।
    • राम सिंह, हरजीत सिंह, दीवान सिंह, हरदत्त सिंह, जसवीर सिंह, बलकार सिंह, पूरन चंद, दीदार सिंह, महेश कुमार, गुरदीप सिंह और सोना सिंह को साजिश और धोखाधड़ी के तहत एक-एक वर्ष के कठोर कारावास और 15 हजार के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
    • जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को एक से दो माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

    सीबीआइ की अपील

    सीबीआइ ने अपील की है कि यदि केंद्र सरकार के किसी भी विभाग या सार्वजनिक उपक्रम के कर्मचारी रिश्वत की मांग करते हैं, तो सीबीआइ, एसीबी देहरादून के मोबाइल नंबर 9410549158 और 7060366445 पर संपर्क कर सकते हैं।

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