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हिमालयन रुद्राक्ष का हब बनेगा उत्तराखंड, सीएम धामी ने दिए नीति तैयार करने के निर्देश

Published: Sat, 05 Sep 2026 10:45 PM (IST)

उत्तराखंड हिमालयन रुद्राक्ष का हब बनने की ओर अग्रसर है, मुख्यमंत्री धामी ने इसकी संगठित और व्यावसायिक खेती के लिए व्यापक राज्य नीति बनाने के निर्देश दिए हैं।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

यह फोटो एआई टूल की मदद से बनाई गई है।

HighLights

  1. मुख्यमंत्री धामी ने रुद्राक्ष खेती के लिए नीति बनाने के निर्देश दिए।

  2. उत्तराखंड हिमालयन रुद्राक्ष का हब बनने की दिशा में अग्रसर।

  3. रुद्राक्ष आयात पर निर्भरता कम होगी, अर्थव्यवस्था को बढ़ावा।

राज्य ब्यूरो, देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड में रुद्राक्ष अब केवल आस्था से जुड़ा उत्पाद नहीं रहेगा, बल्कि पर्वतीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने वाली व्यावसायिक फसल बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

राज्य को हिमालयन रुद्राक्ष के हब के रूप में विकसित करने के लिए सरकार ने रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रुद्राक्ष की संगठित एवं व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक राज्य नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य में रुद्राक्ष की खेती की व्यापक संभावना के दृष्टिगत पिछले दिनों टिहरी के विधायक किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में एक अध्ययन दल को नेपाल भेजा गया था। विधायक उपाध्याय के अनुसार विस्तृत अध्ययन के बाद इस संबंध में तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप दी गई है।

उन्होंने बताया कि दल ने नेपाल के विभिन्न क्षेत्रों में रुद्राक्ष की खेती, फसल प्रबंधन, कटाई के बाद प्रसंस्करण, विपणन व्यवस्था, मिट्टी की विशेषताओं और किसान आधारित उत्पादन माडल का अध्ययन किया। दल में कृषि वैज्ञानिक डा.रमेश सिंह पाल, रुद्राक्ष विशेषज्ञ प्रिंस अग्रवाल शामिल रहे।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर 31 अगस्त को शासन ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को रुद्राक्ष की संगठित खेती के विकास के लिए व्यापक राज्य नीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं।

प्रस्तावित नीति में खेती से लेकर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, विपणन और उद्योग तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर जोर होगा। इससे पर्वतीय किसानों को उच्च मूल्य वाली फसल का विकल्प मिलने के साथ ग्रामीण उद्यमिता और रोजगार के अवसर बढऩे की उम्मीद है।

95 प्रतिशत आयात होता है रुद्राक्ष

भारत में खपत होने वाले 95 प्रतिशत से अधिक रुद्राक्ष का आयात नेपाल और इंडोनेशिया से होता है। वर्ष 2025 में दोनों देशों से आयात का अनुमानित मूल्य करीब 20.14 मिलियन अमेरिकी डालर रहा। ऐसे में घरेलू उत्पादन बढ़ाकर आयात निर्भरता घटाने की बड़ी संभावना है। इसी दृष्टि से उत्तराखंड सरकार भी कदम बढ़ा रही है।