Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    उत्तराखंड में एसआईआर अभियान: जहां ज्यादा मतदाता कम, वहां होगी गहन निगरानी

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 10:27 AM (IST)

    मंडलायुक्त अब प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की निगरानी करेंगे, खासकर उन मतदान केंद्रों पर जहां 'अन कलेक्टेबल' मतदाताओं की संख् ...और पढ़ें

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    इस तस्वीर का उपयोग सांकेतिक रूप में किया गया है।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    राज्य ब्यूरो, देहरादून। प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की निगरानी अब मंडलायुक्त स्तर से भी की जाएगी।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी डा. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने निर्देश दिए हैं कि जिन मतदान केंद्रों पर फार्म वापस न मिलने पर अन कलेक्टेबल श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की संख्या अधिक है, वहां मंडलायुक्त स्वयं धरातल पर जाकर स्थिति का सत्यापन करें।

    मंडलायुक्त खुद सत्यापन करें

    सचिवालय में बुधवार को एसआईआर की समीक्षा करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि कि मंडलायुक्त रोल आब्जर्वर के रूप में जिलों में विशेष निगरानी रखें और जिला निर्वाचन अधिकारी (डीइओ) तथा निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) द्वारा सत्यापित सूचियों की भी समीक्षा करें।

    उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देश दिए गए कि अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत (एएसडी) श्रेणी के मतदाताओं के गणना प्रपत्रों पर स्पष्ट टिप्पणी अंकित करें तथा प्रत्येक टिप्पणी पर बीएलओ के साथ बूथ अवेयरनेस ग्रुप के सदस्यों के हस्ताक्षर भी सुनिश्चित किए जाएं।

    मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 14 जुलाई को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए सभी जिलों में विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 70 ईआरओ के साथ 800 सहायक ईआरओ तैनात किए गए हैं। नोटिस चरण के दौरान किसी भी मतदाता को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

    खबरें और भी

    उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में दावे और आपत्तियों के निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर शिविरों का रोस्टर तैयार करने को कहा। वहीं मैदानी क्षेत्रों में तहसीलों के अलावा नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी शिविर आयोजित कर मतदाताओं को सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। बैठक में कुमाऊं मंडलायुक्त दीपक रावत, गढ़वाल मंडलायुक्त आनंद स्वरूप, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी तथा सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

    यह भी पढ़ें- एसआईआर पर रार: विपक्षी दलों ने CJI को लिखा पत्र, भाजपा बोली- विपक्ष का चुनाव आयोग पर हमला पाखंड की पराकाष्ठा

    यह भी पढ़ें- एक साल में मतदाता सूची से कटे करीब छह करोड़ नाम, अभी कई प्रदेशों में चल रहा एसआईआर