यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand Weather: देहरादून में दिन गरम, शाम को गुलाबी ठंड का एहसास; बीमार नहीं पड़ना है तो रखें चार बातों का ध्यान
Uttarakhand Weather उत्तराखंड में मौसम शुष्क बना हुआ है लेकिन न्यूनतम तापमान में गिरावट आने से ठिठुरन बढ़ रही है। देहरादून में दिन में हल्की गर्मी के ...और पढ़ें

HighLights
- दिन और रात के पारे में लगातार बढ़ रहा अंतर
- बच्चे और बुजुर्गों के स्वास्थ्य का रखें विशेष ख्याल
जागरण संवाददाता, देहरादून। Uttarakhand Weather: उत्तराखंड में देहरादून समेत ज्यादातर क्षेत्रों में मौसम शुष्क बना हुआ है और दिनभर चटख धूप खिल रही है। हालांकि, धीरे-धीरे न्यूनतम में गिरावट आने लगी है। खासकर पर्वतीय क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ने लगी है।
दून में भी दिन में हल्की गर्मी के बाद सुबह-शाम गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है। इसके साथ ही अधिकतम और न्यूनतम तापमान में अंतर बढ़ रहा है। जो कि बच्चे और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर इन दिनों विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहने का अनुमान है। अगले कुछ दिन पारे में और गिरावट आने और ठंडक बढ़ने के आसार हैं।
पहाड़ों में कहीं-कहीं आंशिक बादल
बीते कई दिनों से देहरादून में मौसम शुष्क है। पहाड़ों में कहीं-कहीं आंशिक बादल मंडरा रहे हैं। इस बीच दून के दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ गया है। अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री सेल्सियस अधिक 31.8 दर्ज किया गया। जबकि, न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस अधिक 17.7 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को दून का न्यूनतम पारा 18 और अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से अधिक था।

तेजी से पारा गिरने के कारण सुबह व रात को हल्की ठिठुरन होने लगी है। जबकि, दिन में चटख धूप के कारण अभी तपिश बनी हुई है। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के अनुसार आज प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। दिन और रात के पारे में अंतर बढ़ सकता है। ऐसे में गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
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पारे में उतार-चढ़ाव से तबीयत नासाज होने का खतरा
मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
रायपुर अस्पताल के चिकित्साधीक्षक एवं वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. पीएस रावत ने बताया कि इस दौरान बच्चों के खानपान व पहनावे पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को ठंडे पानी से न नहलाएं। गुनगुना पानी पिलाएं। खुले बदन न सुलाएं। रात में ठंड लगने पर चादर ढक दें। तबीयत खराब होने पर चिकित्सक की सलाह से तुरंत दवा लें।
ये बरतें सावधानी
- इस मौसम में संक्रमण का खतरा होता है। ऐसे में पहनावे पर खास ध्यान दें। हल्के गर्म कपड़े पहनें।
- खान-पान पर ध्यान देने की जरूरत है। पौष्टिक आहार लेना चाहिए, इससे प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
- ठंडे पदार्थों का सेवन भी कई बार वायरल बुखार का कारण बन जाता है।
- अगर सिर दर्द या बुखार महसूस हो तो अपनी मर्जी से दवा न लें। विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लें।