दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर जल्द दौड़ेंगे वाहन, मिलेगा रोमांच का सफर; 15 दिन में पूरे होंगे बचे काम
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, जिसमें एशिया का सबसे बड़ा 12 किमी ग्रीन एलिवेटेड कारिडोर शामिल है, 2026 की शुरुआत तक खुलने की ...और पढ़ें

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे। जागरण आर्काइव
HighLights
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे जनवरी-फरवरी 2026 तक खुलने की उम्मीद।
एशिया का सबसे बड़ा 12 किमी ग्रीन एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार।
यात्रा समय 6.5 घंटे से घटकर मात्र 2.5 घंटे होगा।
जागरण संवाददाता, देहरादून: सुगम सफर की दिशा में नए साल 2026 की सबसे बड़ी उम्मीद दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे की है। माना जा रहा है कि जनवरी माह के अंत में या फरवरी माह के मध्य तक एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
इस मेगा परियोजना का सबसे बड़ा रोमांच एशिया का सबसे बड़ा ग्रीन कारीडोर 12 किमी एलिवेटेड रोड है। यह न सिर्फ परियोजना का अंतिम छोर है, बल्कि सबसे अहम हिस्सा भी है।
देहरादून से सीधे रूप में जुड़े इस भाग के अवशेष कार्य जैसे-साइनेज, स्पीड मापने वाले कैमरे लगाने जैसे काम लगभग पूरे किए जा चुके हैं। वहीं, मोबाइल टावर को इंस्टाल किए जा रहे हैं। एलिवेटेड रोड के बचे काम 15 दिन में पूरा किया जाएगा।

आवेश कार्यों की बात की जाए तो डाटकाली जाने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर बनाए जा रहे धनुषाकार फ्लाईओवर का काम ही बाकी है। यह काम भी मूल परियोजना का भाग नहीं था, बल्कि इसे बाद में भी जोड़ा गया।
हालांकि, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) के अधिकारियों के अनुसार 15 दिन में इस भाग को भी पूरा कर दिया जाएगा। एनएचएआइ के परियोजना निदेशक सौरभ सिंह के अनुसार एक्सप्रेसवे को जनता के लिए खोलने की केंद्र सरकार की तैयारी को देखते हुए तेज गति से काम किया जा रहा है।
23 किमी कम होगी दिल्ली से दून की दूरी
वर्तमान में दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी 236 किलोमीटर है, जो परियोजना के सभी पैकेज पूर्ण होने के बाद घटकर 213 किलोमीटर रह जाएगी। यानी, दूरी 23 किलोमीटर कम हो जाएगी और यह सफर ढाई घंटे में पूरा किया जा सकेगा। वर्तमान में दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब साढ़े छह घंटे का समय लग जाता है।

एलिवेटेड रोड पर कैमरे मापेंगे स्पीड, आनलाइन कटेगा चालान
एलिवेटेड रोड पर रफ्तार के शौकीनों को नियंत्रण में रखने के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) की व्यवस्था की जाएगी। इसके माध्यम से कैमरे स्पीड पर निगाह रखेंगे और तय मानक से अधिक रफ्तार पाए जाने पर आनलाइन चालान कटेगा। यह कैमरे भी लगभग सभी जगह लग चुके हैं।
दुर्घटना की सूचना स्वत: कंट्रोल रूम को मिलेगी
एलिवेटेड रोड पर वीडियो इंसीडेंट डिटेक्शन सिस्टम (वीआइडीएस) लगाए जाएंगे। जो सड़क दुर्घटना की दशा में स्वत: ही कंट्रोल रूम को सूचना भेज देंगे। ताकि समय राहत एवं बचाव कार्य किए जा सकें। दिसंबर माह तक यह कार्य भी पूरा कर दिया जाएगा।
एलिवेटेड रोड परियोजना पर एक नजर
- कुल लंबाई - 12 किमी
- कुल बजट - 1500 करोड़ रुपये
- कुल पिलर - 575
11 हजार 970 करोड़ की है पूरी परियोजना
एनएचएआइ अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली-दून एक्सप्रेसवे का निर्माण 213 किलोमीटर पर कुल 11 पैकेज में गतिमान है। यह कार्य प्राधिकरण के अलग-अलग परियोजना कार्यालय देख रहे हैं।
इन पैकेज में किया गया एक्सप्रेसवे का निर्माण
- अक्षरधाम-दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा (पहला भाग)
- अक्षरधाम-दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा (दूसरा भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (पहला भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (दूसरा भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (तीसरा भाग)
- ईपीई क्रासिंग-सहारनपुर बाईपास (चौथा भाग)
- सहारनपुर बाईपास-गणेशपुर एक्सेस कंट्रोल (पहला भाग)
- सहारनपुर बाईपास-गणेशपुर एक्सेस कंट्रोल (दूसरा)
- गणेशपुर-देहरादून (एक भाग)
- गणेशपुर-देहरादून (दूसरा भाग)
- गणेशपुर-देहरादून (तीसरा भाग)
एक्सप्रेसवे परियोजना के यह भी खास बिंदु
- 05 रेलवे ओवर ब्रिज
- 110 वाहन अंडरपास
- 76 किमी सर्विस रोड
- 29 किमी की एलिवेटेड रोड
- 16 एग्जिट और एंट्री प्वाइंट
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