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    उपराष्ट्रपति ने एम्स ऋषिकेश में कहा- स्वास्थ्य सेवा दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचे, उत्तराखंड की नवोन्मेषी पहल की सराहना की

    Updated: Fri, 24 Apr 2026 12:27 AM (IST)

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एम्स ऋषिकेश के दीक्षा समारोह में कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को अस्पताल परिसरों से आगे बढ़कर दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचना च ...और पढ़ें

    एम्स ऋषिकेश के दीक्षा समारोह में डिग्री प्रदान करते उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (मध्य), साथ में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि)(बाएं से पांचवे), सीएम पुष्कर सिंह धामी(बाएं से आठवें) व अन्य। फोटो सूचना विभाग

    एम्स ऋषिकेश के दीक्षा समारोह में डिग्री प्रदान करते उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन (मध्य), साथ में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि)(बाएं से पांचवे), सीएम पुष्कर सिंह धामी(बाएं से आठवें) व अन्य। फोटो सूचना विभाग

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    जागरण संवाददाता, ऋषिकेश। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि एम्स ऋषिकेश शैक्षणिक क्षमता, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के क्षेत्र में उत्कृष्टता का आदर्श प्रस्तुत कर रहा है।

    उन्होंने उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थिति में हेली एंबुलेंस सेवाओं, दूरस्थ क्षेत्रों और चारधाम यात्रा के दौरान दवा वितरण के लिए ड्रोन के उपयोग जैसी नवोन्मेषी स्वास्थ्य सेवाओं की भी प्रशंसा की।

    टेलीमेडिसिन पहलों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवा को अस्पताल परिसरों से आगे बढ़कर दूरस्थ और कम सुविधा प्राप्त आबादी तक पहुंचना चाहिए।

    गुरुवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के छठे दीक्षा समारोह का उपराष्ट्रपति ने बतौर मुख्य अतिथि शुभारंभ किया।

    इस दौरान 386 छात्रों को डिग्री प्रदान की गई। उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षा समारोह समाज और राष्ट्र के प्रति एक बड़ी जिम्मेदारी की शुरुआत है। उन्होंने स्नातकों से समर्पण और उद्देश्य की भावना के साथ अपने पेशेवर कर्तव्यों को निभाने का आह्वान किया।

    कोविड-19 महामारी के दौरान उत्पन्न चुनौतियों पर उपराष्ट्रपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने सतत नवाचार और प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए, जिससे स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच सुनिश्चित हुई।

    उन्होंने कहा कि भारतीय विज्ञानियों ने लाभ के लिए नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण के लिए टीके विकसित किए हैं।

    भारत की वैक्सीन मैत्री पहल के माध्यम से वैश्विक जिम्मेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि 100 से अधिक देशों को टीके उपलब्ध कराए गए। उपराष्ट्रपति ने कहा कि पिछले एक दशक में देशभर में स्थापित नये एम्स संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और चिकित्सा शिक्षा तक पहुंच को मजबूत किया है।

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे सहित क्षेत्र में अवसंरचना के तेजी से विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच में सुधार लाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।

    दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें युवा चिकित्सक: राज्यपाल

    राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि दीक्षा समारोह विद्यार्थियों की साधना, समर्पण और सेवा भाव का उत्सव है। यह वह महत्वपूर्ण क्षण है, जब वर्षों की कठिन मेहनत एक नई जिम्मेदारी में परिवर्तित होती है।

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    उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में माता-पिता के त्याग, गुरुजनों के मार्गदर्शन और राष्ट्र की अपेक्षाओं का महत्वपूर्ण योगदान है।

    उन्होंने कहा कि वर्तमान में चिकित्सा का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल हेल्थ और आधुनिक अनुसंधान पद्धतियां स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रही हैं।

    उन्होंने कहा कि एम्स ऋषिकेश इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है, जो स्वास्थ्य तंत्र को भविष्य के लिए तैयार कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदनशीलता का क्षेत्र है। मरीज केवल उपचार ही नहीं, बल्कि विश्वास और आशा लेकर चिकित्सक के पास आता है। ऐसे में चिकित्सकों का व्यवहार, सहानुभूति और समर्पण ही मरीज को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करता है।

    राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच अभी भी चुनौतीपूर्ण है और युवा चिकित्सकों से अपेक्षा है कि वे इन चुनौतियों को अवसर में परिवर्तित करते हुए दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा प्रदान करें।

    स्वास्थ्य का मंदिर है एम्स, सुविधाएं बढ़ा रही सरकार: धामी

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह अवसर विद्यार्थियों के जीवन में एक नये अध्याय की शुरुआत है और चिकित्सा क्षेत्र में उनका योगदान समाज एवं राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगा।

    उपराष्ट्रपति सीपी. राधाकृष्णन देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। जिसे निष्ठा, संवेदनशीलता और करुणा के साथ निभाया जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय स्थापित एम्स ऋषिकेश आज प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण जीवन रक्षक संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है। वह इसे स्वास्थ्य मंदिर कहते हैं। यहां कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और ज्वाइंट रिप्लेसमेंट जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। हेली एंबुलेंस सेवा राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊधमसिंह नगर में एम्स ऋषिकेश के सेटेलाइट सेंटर का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र की जनता को भी उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाओं का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मेडिकल कालेज की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार, जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाओं की उपलब्धता और निश्शुल्क पैथोलाजिकल जांच जैसी योजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

    विकसित भारत के लिए स्वस्थ भारत जरूरी: अनुप्रिया

    केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि चिकित्सा पेशा केवल करियर नहीं, बल्कि मानव सेवा का माध्यम है।

    उन्होंने मरीजों के विश्वास को बनाए रखने और हर परिस्थिति में उनके हित को सर्वोपरि रखने का आह्वान किया। साथ ही नैतिकता और ईमानदारी को अपने कार्य का आधार बनाने पर बल दिया।

    उन्होंने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में निरंतर हो रहे बदलावों के बीच चिकित्सकों के लिए आजीवन सीखते रहना आवश्यक है, ताकि बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जा सके। 2047 के विकसित भारत के लिए स्वस्थ भारत जरूरी है।

    सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाओं पर खर्च बढ़ाया है, इसलिए लोगों का खर्च इसमें घटा है। नया उभरता भारत अपने दायित्वों को निभा रहा है।

    कार्यक्रम में यह रहे मौजूद

    कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य महेंद्र भट्ट, राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल, एम्स ऋषिकेश के अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर, एम्स ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह, डीन (अकादमिक) प्रो. सौरभ वाष्णेय आदि मौजूद रहे।

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