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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में वीआईपी नंबर 0001 पर भारी पड़ा 'जेम्स बॉन्ड', अब तक का सबसे महंगा बिका 0007

Published: Sun, 26 Oct 2025 09:09 AM (IST)

देहरादून में वीआईपी नंबरों की नीलामी में इस बार चौंकाने वाले नतीजे आए। जहाँ हमेशा 0001 नंबर की सबसे अधिक ...और पढ़ें

बीते चार वर्ष से सर्वाधिक बोली का रिकार्ड अपने नाम बरकरार रखने वाली 0001 सीरीज को इस बार 0007 ने पछाड़ा

बीते चार वर्ष से सर्वाधिक बोली का रिकार्ड अपने नाम बरकरार रखने वाली 0001 सीरीज को इस बार 0007 ने पछाड़ा

HighLights

  1. 0007 नंबर सात लाख में बिका

  2. 0001 नंबर ढाई लाख में बिका

  3. 0786 नंबर का क्रेज हुआ कम

जागरण संवाददाता, देहरादून। वाहनों में स्टेटस सिंबल का प्रतीक 0001 नंबर की चाहत में इस बार बड़ा उलटफेर नजर आया है। बीते 04 वर्षों में सर्वाधिक बोली में एक छत्र राज रखने वाली 0001 की सीरीज को इस बार जेम्स बांड ने मात दे दी है। 007 सेवन विश्वभर में प्रसिद्ध बांड सीरीज की फिल्मों का प्रतीक है। शायद बांड सीरीज की फिल्मों की यही चाहत इस बार दून में 0007 नंबर के रूप में इक्के पर भारी पड़ गई।

परिवहन विभाग वीआइपी सीरीज के नंबरों की बोली आयोजित करता है। स्टेटस सिंबल के साथ ही ज्योतिष के हिसाब से भी तमाम लोग अपनी पसंद के नंबरों को वाहन के आगे-पीछे रजिस्ट्रेशन के रूप में दर्ज कराने के लिए भारी धनराशि खर्च करते हैं। हालांकि, अब तक यही माना जाता था कि हर बार की तरह बोली कि महफिल इक्का यानी 0001 ही लूटकर ले जाएगा।

हालांकि, शनिवार को जब बोली के परिणाम सामने आए तो सभी चकित रह गए। 0001 नंबर के लिए अब तक जो सर्वाधिक बोली 14 लाख रुपए तक पहुंची थी, वह धड़ाम नजर आई। इस बार यह नंबर ढाई लाख रुपए में सिमट गया। वहीं, 0007 नंबर सात लाख रुपये में बिका। यह नंबर पंकज मलिक नाम के व्यक्ति ने अपने नाम किया।

परिवहन विभाग ने इस बार (यूके-07एचएफ) 28 एवं (यूके-07 एचई) के लिए वीआइपी नंबरों की बोली लगाई थी। हैरत की बात है कि इक्के का जादू सिर्फ पहले पायदान पर ही नहीं चला, बल्कि यह दूसरे स्थान पर भी नहीं टिक पाया। दूसरे स्थान पर 0005 रहा और यह 6 लाख 73 हजार में बिका। इसे शिवम निशाद नाम के व्यक्ति ने हासिल किया। 0001 तीसरे स्थान पर खिसक गया।

आरटीओ (प्रशासन) संदीप सैनी ने बताया जो नंबर सबसे ज्यादा बोली में बिका है, उसकी न्यूनतम धनराशि 25 हजार से शुरू की गई थी। जिन वाहन स्वामियों के लिए नंबर आवंटित किए गए हैं। उनको दो दिन के भीतर धनराशि जमा करनी होगी। निर्धारित समय पर धनराशि जमा न करने पर उस नंबर को अगली बोली में शामिल किया जाएगा। बताया धनराशि वाहन स्वामियों को आनलाइन जमा करनी होगी।

इस तरह नंबरों ने हासिल की जगह
चौथे नंबर पर 1111 रहा, जो दो लाख 31 हजार में बिका। पांचवें नंबर पर 0003 रहा, जो दो लाख में बिका। इसके अलावा 0007 (यूके-07 एचई) नंबर एक लाख 23 हजार में बिका, 0002 नंबर एक लाख 20 हजार रुपये, 0008 नंबर 70 हजार रूपये, 9999 नंबर 63 हजार रुपये, 9000 नंबर 60 हजार रुपये, 4444 नंबर 57 हजार रूपये, 7777 नंबर 52 हजार रुपये, 0999 नंबर 45 हजार रुपये, 7000 नंबर 35 हजार रुपये, 0077 नंबर 31 हजार रुपये,
3333 नंबर 30 हजार रुपये, 0009 नंबर 27 हजार, 0004 एवं 8888 नंबर 26 हजार, 0006, 5555,6666 नंबर 25 हजार
रुपये, 0099 नंबर 21 हजार रुपये, 0066 नंबर 12 हजार रुपये, 0011, 0100, 0101,7070 नंबर 11 हजार रुपये, 0022 नंबर
10 हजार में बिका।

खत्म हुआ 0786 का क्रेज
दून में वाहन पर 0786 नंबर लेने का क्रेज अब खत्म होता जा रहा है। इसकी न्यूनतम कीमत भी एक लाख रुपये है। लेकिन इस बार इस नंबर की बोली लगाने में कोई भी वाहन स्वामी ने रुचि नहीं दिखाई। इस शनिवार को 25 हजार से शुरू की गई बोली में 0007 नंबर शीर्ष पर रहा।

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