यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Arogya Setu App: आरोग्य के 'सेतु' से आधी आबादी ने बनाई दूरी, आंकड़ों में समझिए
सर्वाधिक महिला साक्षरता वाले जिले देहरादून में आधी आबादी की आरोग्य सेतु से दूरी चौंकाने वाली है।

देहरादून, जेएनएन। राज्य में सर्वाधिक महिला साक्षरता वाले जिले देहरादून में आधी आबादी की आरोग्य सेतु से दूरी चौंकाने वाली है। कोरोना महामारी से हर कदम पर आगाह करने वाले इस एप्लीकेशन के दून में पुरुष उपयोगकर्ता 71 फीसद हैं, जबकि मातृशक्ति की भागीदारी सिर्फ 28 फीसद। वहीं, प्रदेश में कुल उपयोगकर्ताओं में पुरुष 69 प्रतिशत के करीब हैं तो महिलाएं 31 प्रतिशत। यह स्थिति तब है, जब सरकार साफ कर चुकी है कि आरोग्य सेतु एप का डाटा पूरी तरह सुरक्षित है और इसका कोई भी दुरुपयोग नही कर सकता। इसके अलावा राज्य सरकार भी हर रोज नागरिकों से अपील कर रही है कि आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कर खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
जबरन डाउनलोड कराना पड़ रहा एप
अन्य राज्यों से आने वाले प्रवासियों में भी आरोग्य सेतु एप को लेकर जागरूकता का अभाव देखा जा रहा है। राज्य में दाखिल होने के बाद पुलिस को लोगों के मोबाइल में आरोग्य सेतु एप डाउनलोड कराना पड़ रहा है। साथ ही जब उन्हें इसके फायदे बताए जा रहे हैं, तब उन्हें भरोसा हो रहा है कि यह एप उनके और परिवार के लिए ढाल का काम करेगा।
आरोग्य सेतु के उपयोगकर्ता
उत्तराखंड: 20,55,623
पुरुष, 68.81 फीसद
महिलाएं, 31.12 फीसद
देहरादून: 9,62,849
पुरुष, 71.23 फीसद
महिलाएं, 28.02 फीसद
उत्तराखंड एक नजर में
कुल आबादी: 1,01,16,752
कुल पुरुष: 51,37,773 (50.93 फीसद)
कुल महिलाएं: 49,48,519 (49.07 फीसद)
राज्य की औसत साक्षरता: 79.63 फीसद
साक्षरता में देश में स्थान: 17वां पुरुष
साक्षरता प्रतिशत: 88.33 फीसद
महिला साक्षरता प्रतिशत: 70 फीसद
पुरुष साक्षरता में देश में स्थान: 13वां
महिला साक्षरता में देश में स्थान: 20वां
सर्वाधिक साक्षरता वाला जिला: देहरादून (85.24 फीसद)
सर्वाधिक महिला साक्षरता वाला जिला: देहरादून (79.61 फीसद)
(नोट: सभी आकड़े मई 2013 में जारी जनगणना-2011 के हैं)
साइबर एक्सपर्ट अंकुर चंद्रकांत का कहना है कि आरोग्य सेतु न सिर्फ पूरी तरह सुरक्षित है, बल्कि यह कोरोना मरीज के नजदीक आने की स्थिति में अलर्ट कर देता है। स्वयं को संक्रमण से सुरक्षित रखने का यह बेहद हाईटेक माध्यम है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिद्धिम अग्रवाल ने बताया कि प्रवासियों के आने के साथ ही हर दिन संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में सभी को जागरूक किया जा रहा है कि आरोग्य सेतु एप ही उन्हें खतरे से आगाह करेगा। यह एप पूरी तरह सुरक्षित है।
आरोग्य सेतु एप दिखाने पर ही कोर्ट परिसर में एंट्री
कोर्ट परिसर में दाखिल होने से पहले न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ता, स्टाफ और वादियों को मोबाइल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना होगा। फोन में एप न होने की सूरत में कोर्ट परिसर में एंट्री नहीं मिलेगी।
जिला जज प्रशांत जोशी की ओर से कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह निर्देश जारी किए हैं। बता दें कि कोर्ट में बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है। भीड़ के कारण कोरोना संक्रमण फैलने के खतरे को नकारा नहीं जा सकता है। ऐसे में कोर्ट परिसर में शारीरिक दूरी बनाए रखने के भी निर्देश जारी किए गए हैं। इससे पहले जिला जज ने अदालत परिसर में भीड़ पर अंकुश लगाने और विभिन्न गेटों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे। कमेटी ने 21 मई को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। रिपोर्ट के अनुसार अब ट्रैफिक पुलिस ने व्यवस्था में सुधार लाने के लिए कोर्ट में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी है।

