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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बातचीत नहीं पाक से युद्ध चाहते हैं बाबा रामदेव, कहा- इसके सिवाए और कोई विकल्प नहीं

    By Raksha PanthariEdited By:
    Updated: Mon, 25 Feb 2019 08:03 AM (IST)

    योग गुरु बाबा रामदेव पाकिस्तान पर जमकर बरसे। उन्होंने कहा लातों के भूत बातों से नहीं मानते हैं इसलिए युद्ध के सिवाय कोई चारा नहीं। ...और पढ़ें

    बातचीत नहीं पाक से युद्ध चाहते हैं बाबा रामदेव, कहा- इसके सिवाए और कोई विकल्प नहीं
    बातचीत नहीं पाक से युद्ध चाहते हैं बाबा रामदेव, कहा- इसके सिवाए और कोई विकल्प नहीं

    हरिद्वार, जेएनएन। पुलवामा आतंकी हमले पर योगगुरु बाबा रामदेव ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए अब पाकिस्तान के साथ युद्ध के सिवाय और कोई दूसरा चारा नहीं बचता। क्योंकि लातों के भूत बात से नहीं मानते। उनका ये भी कहना है कि पाकिस्तान के साथ बात करते-करते 70 साल बीत गए और अब तक करीब कर्इ जवान शहीद हुए हैं। अब और कितनी शहादत चाहिए? बातचीत का अब कोई मतलब नहीं है।  

    योगगुरु बाबा रामदेव का साफ कहना है कि बिना क्रांति देश और दुनिया में कभी भी शांति की स्थापना नहीं हुई। युद्ध के बाद ही बुद्ध पैदा हुए। सम्राट अशोक, जिन्हें हम आदर्श मानते हैं। उनके प्रतीक सत्यमेव जयते और बुद्ध स्तूप को हम अपना राष्ट्रीय प्रतीक मानते हैं। सम्राट अशोक भी युद्ध की ही उपज हैं इसलिए युद्ध के बिना कोई शुद्ध नहीं होता। 

    हालांकि युद्ध, क्रुद्ध होकर नहीं बल्कि बुद्ध और शुद्ध होकर करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की अवाम से कोई दुश्मनी नहीं है, लेकिन वहां के सत्तासीन लोग इतने नादान हैं कि उनको हम बिना प्रहार के समझा नहीं सकते हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युद्ध कितना होगा, कैसे होगा, कब होगा यह प्रधानमंत्री को तय करना है। क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी लोकतंत्र के सबसे बड़े ओहदे और संवैधानिक पद पर हैं, लेकिन अब निर्णय में देरी नही होनी चाहिए। 

    बाबा रामदेव का कहना है कि पीएम मोदी को पूरा राष्ट्र योद्धा के रूप में देखता है। ऐसे में अगर वो बड़ा कदम नहीं उठाएंगे तो कैसे बात बनेगी। उनका कहना है कि चुनाव से बड़ा देश है। चुनाव अपनी जगह होते रहेंगे, मगर देश के लिए जो प्रधानमंत्री को करना है वो पहले करें। 

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    उनका कहना है कि हमारी लड़ाई कश्मीरी और कश्मीर से नहीं है। हमारी लड़ाई आतंकवादियों से है। उन देशद्रोहियों को शह देने वाले, उन दहशतगर्दों को पीछे से सहयोग करने वालों से है। इसलिए कश्मीर के छात्रों के साथ किसी भी तरह की हिंसा हमारे देश की एकता, अखंडता के खिलाफ है।

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