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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मानवता का एकत्व भारतीय संस्कृति का मूल : रामदेव

    By Sunil NegiEdited By:
    Updated: Mon, 06 Mar 2017 07:30 AM (IST)

    पतंजलि योगपीठ में हिंदू हेरिटेज फाउंडेशन के शिविर में योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम, सह अस्तित्व व एकत्व भारतीय संस्कृति के तीन आध्या ...और पढ़ें

    मानवता का एकत्व भारतीय संस्कृति का मूल : रामदेव
    मानवता का एकत्व भारतीय संस्कृति का मूल : रामदेव

    हरिद्वार, [जेएनएन]: पतंजलि योगपीठ में हिंदू हेरिटेज फाउंडेशन का पांच दिवसीय शिविर शनिवार से शुरू हुआ। शिविर में 45 देशों के 150 से अधिक छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। 
    उद्घाटन करते हुए योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम, सह अस्तित्व व एकत्व भारतीय संस्कृति के तीन आध्यात्मिक आदर्श हैं। इन्हें अपनाने वाला स्वत: छात्रत्व, युवकत्व व योगत्व से भर उठता है। तब राष्ट्रधर्म का निर्वहन संशयरहित हो जाता है। बाद में बाबा रामदेव ने योग ग्राम में भी मड थेरेपी का भी प्रदर्शन किया।
    पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण ने कहा छात्र धर्म, युवा धर्म व योग धर्म में विभिन्नताओं के लिए कोई स्थान नहीं है। विभिन्न देशों के बीच ज्ञान, कौशल, राष्ट्रगत परंपराओं, संपन्नता व शक्तियों में अंतर हो सकता है, पर हमारी संस्कृति में संपूर्ण मानव समाज के एकत्व पर विश्वास किया गया है। हिंदू हेरिटेज फाउंडेशन के दल का नेतृत्व भूटान के धेजी जी कर रहे हैं।