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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Chaitra Navratri 2023: सैकड़ों वर्ष बाद ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग, इस बार घटस्थापना के तीन शुभ मुहूर्त

    By Jagran NewsEdited By: Nirmala Bohra
    Updated: Mon, 20 Mar 2023 09:30 AM (IST)

    Chaitra Navratri 2023 22 मार्च से मां दुर्गा के वासंती नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं और 30 मार्च को रामनवमी का पर्व पड़ेगा। इस बार मां दुर्गा के नवरात्र ...और पढ़ें

    Navratri 2023 Kalash Sthapna Timing: इस बार घटस्थापना के तीन शुभ मुहूर्त
    Navratri 2023 Kalash Sthapna Timing: इस बार घटस्थापना के तीन शुभ मुहूर्त

    जागरण संवाददाता, रुड़की : Navratri 2023 Kalash Sthapna Timing: इस बार मां दुर्गा के नवरात्र पूरे नौ दिन के होंगे। वहीं ग्रह नक्षत्रों का अद्भुत संयोग बन रहा है। यह संयोग लगभग सैकड़ों वर्षों के बाद पड़ रहा है। जब शनिदेव अपनी राशि कुंभ में तथा बृहस्पति देव अपनी राशि मीन में संचार करेंगे। यह दुर्लभ संयोग नवरात्र को बहुत ही खास बना रहे हैं।

    इस बार मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आएंगी

    22 मार्च से मां दुर्गा के वासंती नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं और 30 मार्च को रामनवमी का पर्व पड़ेगा। इस बार मां दुर्गा नौका पर सवार होकर आएंगी।

    नौका पर आगमन बहुत ही शुभ और मंगलकारी

    भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की परिसर स्थित श्री सरस्वती मंदिर के आचार्य राकेश कुमार शुक्ल ने बताया कि मां दुर्गा का नौका पर आगमन बहुत ही शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इसलिए यह नवरात्र भक्तों को सुख और समृद्धि प्रदान करेगा।

    नवरात्र से ही हिंदी नववर्ष का प्रारंभ

    वासंती नवरात्र से ही हिंदी नववर्ष का प्रारंभ माना जाता है। इस बार इस संवत के राजा बुध और मंत्री शुक्र होंगे। बुध और शुक्र की जोड़ी देश में खुशहाली, सुख समृद्धि, धन-धान्य की वृद्धि तथा क्लेश को समाप्त करने वाली होगी।

    कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

    • 22 मार्च को कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त सुबह लगभग 6:30 से 9:25 के मध्य रहेगा। इस दौरान लाभ और अमृत चौघड़िया रहेगी।
    • इसके बाद सुबह 10:55 से लेकर 12:25 के मध्य शुभ की चौघड़िया और अभिजीत मुहूर्त विद्यमान होगा।
    • जबकि अपराह्न काल में लगभग 3:20 से 6:20 के मध्य कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त होगा।

    डिसक्लेमर- इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।

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