ईरान पर हमले का विरोध, रुड़की के मंगलौर में शिया समुदाय ने बंद रखे प्रतिष्ठान
मंगलौर में शिया समुदाय ने ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले के विरोध में गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ...और पढ़ें

मंगलौर में ईरान पर हुए हमले के विरोध में प्रदर्शन करते शिया समुदाय के लोग। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संवाद सहयोगी, मंगलौर (रुड़की)। ईरान पर अमेरिका एवं इजराइल के हमले के विरोध में शिया समुदाय के लोगों ने आक्रोश जताया है।
मंगलौर में शिया समुदाय से जुड़े अधिकांश लोगो ने अपने प्रतिष्ठानों को बंद रखा है। साथ ही अमेरिका एवं इजराइल के राष्ट्रपति के पोस्टर जमीन पर चस्पा कर उन पर चहलकदमी कर प्रदर्शन किया।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को लेकर शिया समुदाय के लोगों में भारी आक्रोश व्यक्त है।
रविवार को हमले की सूचना मिलने और ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई के साथ ही उनकी पुत्री और दामाद की मौत की सूचना मिलने पर शिया समुदाय ने मस्जिद और इमामबाड़ों में पहुंचकर सबसे पहले दुआ की उसके बाद मजलिस करते हुए अमेरिका और इजरायल के खिलाफ अपने गुस्से को जाहिर किया।
मोहल्ला हल्का स्थित आजा खाना-ए - हुसैनी मस्जिद- सकीना बिनतुल हुसैन के पास शिया समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया और अमेरिका और इजरायल के राष्ट्रपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर मौलाना इस्तखार हसन, गुलाम अब्बास, आदल जाफरी, जामीन अब्बास, सुल्तान हैदर, डा.सकलेन, खलील अहमद, शिफ्ते हसन, मौलाना नजमुल हसन समेत सैकड़ो की संख्या में लोग मौजूद रहे।
शोकजदा शिया समुदाय के अधिकांश कारोबारियों ने रविवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखें इसके अलावा मोहल्ला पठानपुरा में अमेरिका और इजरायल के राष्ट्रपति के फोटो लगे पोस्टर जमीन पर चिपकाए और उसे पर चहल कदमी की।
दो दर्जन से अधिक परिवार फंसे हैं ईरान में
मंगलौर। अमेरिका और इजराइल के द्वारा ईरान पर किए गए हमले को लेकर मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के दो दर्जन से ज्यादा परिवारों के फंसे होने पर उनके स्वजनों में चिंता है।
इन परिवारों में से कुछ वहां पर दीनी शिक्षा प्राप्त करने के लिए गए हुए हैं जबकि कुछ लोग दीनी शिक्षा के साथ-साथ वहां पर अन्य कारोबार भी कर रहे हैं।
मंगलौर कोतवाली क्षेत्र से जैनपुर झंझेडर निवासी अब्दुल हसन अपनी पत्नी, मोहम्मद आरिफ पत्नी और दो बच्चों के साथ, मोहम्मद तबरेज, शाह राजा, साहिब अब्बास, मोहसिन अली का परिवार भी ईरान के पैद्दा में रह रहे हैं। मोहसिन अली अकेला वर्तमान में रमजान के मौके पर अपने गांव आया हुआ है।
इसके अलावा मोहल्ला पठानपुरा निवासी यासिर, अमीर हैदर, हुज्जत अपनी पत्नी और बच्चों के साथ वहां पर रह रहा है। जबकि सलमान, अलीशा गोहर, मासूका भी ईरान के शहरों में रह रहे हैं।
मंगलौर के मोहल्ला हल्का निवासी मौलाना गय्यूर और नाजीर मेहंदी अपनी पत्नी के साथ ईरान में हैं, जबकि मोहम्मद सिकंदर, मोहम्मद शोएब भी वहां पर रह रहे हैं।
मोहम्मद इब्ने हसन अपने परिवार के साथ ईरान में है इसके अलावा मोहल्ला हल्का निवासी सुरैया फातिमा भी अपने पति के साथ ईरान में हैं।
टानडा बनेड़ा गांव से भी मौलाना जीशान हुसैन अपने परिवार के साथ मौजूद हैं। वहीं मोहल्ला पठानपुरा निवासी मौलना शिफ्ते हसन ने बताया कि बेटा यासिर मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है वह सुरक्षित है।