हरिद्वार में महाशिवरात्रि की धूम: मध्यरात्रि में हुई महाआरती, हरकी पैड़ी पर भक्तों की भीड़
महाशिवरात्रि पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ा। हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक किया। मंदिरों में विश ...और पढ़ें

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, हरिद्वार। महाशिवरात्रि पर धर्मनगरी हरिद्वार में आस्था सैलाब उमड़ा। हरकी पैड़ी सहित विभिन्न गंगा घाटों पर ब्रह्ममुहूर्त से गंगा स्नान के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे और गंगा में आस्था की डुबकी लगाई।
साथ ही, श्रद्धालु कलश और कांवड़ में गंगाजल लेकर आसपास के शिवालयों में पहुंचे और जलाभिषेक किया। गंगा घाटों से लेकर शिव मंदिरों तक हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष दिन भर गूंजते रहे।
महाशिवरात्रि के अवसर हरिद्वार स्थित प्रमुख शिवालयों में रविवार की शाम 4:23 बजे से विशेष पूजन और अनुष्ठान शुरू हुआ, विश्वकल्याण की कामना के साथ विशेष महाआरती आयोजित हुई। पूजा का क्रम सोमवार की सुबह तक चला।
महाशिवरात्रि पर्व के लिए धर्मनगरी के मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया।
महाशिवरात्रि व्रत पर रविवार की सुबह से लेकर शाम तक मायापुरी के प्रजापति दक्षेश्वर महादेव, बिल्वकेश्वर महादेव, तिलभाण्डेश्वर महादेव मंदिर, नीलेश्वर महादेव मंदिर और हरिहर आश्रम स्थित स्वयंभू शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने गंगाजल, बेलपत्र और पुष्प आदि अर्पित कर भगवान शंकर से परिवार की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। शिवालयों में पंचाक्षर मंत्रों का जाप पूरे दिन चलता। हरकी पैड़ी क्षेत्र, सुभाष घाट, कनखल झंड़ा चौक सहित कई स्थानों पर रविवार की दोपहर से लेकर शाम तक शिव भक्तों ने बरात निकाली।
इसमें भूत, प्रेत आदि शिवगण का रूप धारण कर युवा भक्तिमय गीतों की धुन पर खूब थिरके। बिल्वकेश्वर मंदिर और कनखल स्थित दक्ष प्रजापति मंदिर में करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी लाइन लगी। कनखल में झंडा चौक से लेकर दक्ष मंदिर तक जाम की स्थिति बनी रही।
गंगा में लगाई पुण्य की डुबकी
महाशिवरात्रि पर हरकी पैड़ी और आसपास गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। सुबह से शुरू हुआ स्नान का क्रम देर शाम तक जारी रहा।
सबसे अधिक भीड़ हरकी पैड़ी क्षेत्र में दिखी। हरकी पैड़ी आवाजाही के दौरान अपर रोड पर जगह-जगह सीवर लाइन खुदाई के कारण श्रद्धालुओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जयघोष से गूंजे शिवालय
बहादराबाद। क्षेत्र के सभी मंदिरों में महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं ने सुबह पांच बजे से ही जल चढ़ाना शुरू कर दिया था। बहादराबाद के सबसे प्राचीन शिवालय में सुबह चार बजे से ही शिवभक्तों की कतार लग गई। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा है।
खबरें और भी
आसपास के मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। महाशिवरात्रि के विशेष अवसर पर शिवालयों को आकर्षक फूलों और रोशनी से सजाया गया है।
कांवड़ लेकर लौट रहे श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शिव मंदिर पीठ बाजार, शिव मंदिर आत्मलपुर बौंगला, शिव मंदिर खेड़ली, शिव बिहार कालोनी, प्राचीन शिव मंदिर धनौरी, पीपल वाला मंदिर धनौरी स्कूल, शिव मंदिर जस्वावाला के मंदिरों में भी जलाभिषेक किया।
मंदिर समितियों की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन भी किया गया। देर रात तक भक्तजन शिवालयों में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते रहे।
100 लीटर गंगा जल से किया जलाभिषेक
श्यामपुर। फाल्गुन की महाशिवरात्रि में ग्रामीण क्षेत्र में भी प्रत्येक शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही। सुबह से लेकर शाम तक प्रत्येक मंदिर में लंबी-लंबी कतारें देखने को मिली।
कई मंदिरों में भंडारे का भी आयोजन किया गया। सुबह से ही प्राचीन गौरी शंकर मंदिर, नीलेश्वर महादेव मंदिर, कांगड़ी के सोमेश्वर महादेव मंदिर, गाजीवाली के देवेश्वर महादेव मंदिर, बाहर पीली स्थित कुंडी सोटेश्वर महादेव मंदिर, लालढांग के प्राचीन शिव मंदिर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगी रही।
कांगड़ी के युवाओं ने महाशिवरात्रि के अवसर पर हरकी पैड़ी से 100 लीटर गंगा जल लेकर कांगड़ी के सोमेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया। इन युवाओं में शिवाजी रावत, उदय पाल, अनुराज पाल, अश्मित पाल सहित अन्य युवक शामिल रहे।
श्यामपुर स्थित प्राचीन नागेश्वर महादेव मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित राघवानंद शास्त्री ने बताया कि शिवरात्रि के दिन शिवलिंग का जलाभिषेक करने से निश्चित ही मनुष्य की मनोकामना पूर्ण होती है।
इससे पूर्व लालढांग के प्राचीन शिव मंदिर में भी सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। शिवरात्रि के दिन लालढांग में विशाल मेले का आयोजन किया गया।
दिनभर गूंजते रहे जयकारे
खानपुर। महाशिवरात्रि पर खानपुर के शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। खानपुर स्थित श्री श्री 1008 जटा शिव मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर शिवलिंग पर जल और दूध चढ़ाकर अभिषेक किया।
इस दौरान मंदिर में हर-हर महादेव के जयकारे गूंजते रहे। खानपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव बालावाली, गोवर्धनपुर, बालचंद वाला , लालचंद वाला, महेशरा, रहीमपुर, मिर्जापुर, राजपुर, दल्लवाला, चंदपुरी खुर्द, चंदपुरी बांगर, कानेवाली, पहलादपुर, ढाडेकी ढाणा, गगनोली और जटा शिव मंदिर समेत सभी मंदिरों के द्वार रात 12:00 बजे ही खोल दिए थे।
जटा शिव मंदिर के पुजारी मोहन दास और शंकर दास ने बताया कि श्रद्धा से पुष्प और जलाभिषेक करने से हर मनोकामना पूरी होती। सुरक्षा की दृष्टि से मंदिरों में पुलिस बल तैनात रहा।
ग्रामीण क्षेत्रों में शिवालयों में लगी रही भीड़
पथरी। जंगल किनारे स्थित ऐतिहासिक प्राचीन पथेश्वर महादेव मंदिर महाशिवरात्रि पर सुबह से ही खुल गया। जलभिषेक के लिए भक्तों की लाइन लगी रही है। इस दौरान महाशिवरात्रि पर मंदिर पर मेले और भंडारे का आयोजन किया गया। बहादरपुर जट, धनपुरा, फेरूपुर, बिशनपुर, कटारपुर, रानीमाजरा, शाहपुर, शेरपुर, बादशाहपुर, धारीवाला, हरसीवाला के शिव मंदिरों में जलाभिषेक हुआ।
मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया
रोशनाबाद। महाशिवरात्रि पर्व पर शिवालिक नगर, रोशनाबाद, हेतमपुर, अनेकी, औरंगाबाद, गढ़मीरपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिली।
श्रद्धालुओं ने गंगाजल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल-फूल चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर मंदिरों को आकर्षक रोशनी और फूलों से सजाया गया। मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया जिसमें शिव भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ अपना योगदान दिया।