यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
हरिद्वार में स्वाइन फ्लू से एक महिला की मौत, जिले में अलर्ट Haridwar News
हरिद्वार के दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने और उनमें से एक 47 वर्षीय महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है।

हरिद्वार, जेएनएन। जिले के दो मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि होने और उनमें से एक 47 वर्षीय महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सरोज नैथानी ने आनन-फानन जिले में स्वाइन फ्लू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही सरकारी और निजी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू से संबंधित लक्षण वाले मरीजों के इलाज में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए हैं।
जिले के नारसन विकास खंड के लंढौरा निवासी महिला में स्वाइन फ्लू के लक्षण मिले थे। इसके आधार पर स्वजनों ने महिला को हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती कराया था। सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि महिला 13 दिनों तक हिमालयन अस्पताल में भर्ती रही थी। इलाज के दौरान उसने दो फरवरी को दम तोड़ दिया। महिला के पते पर भेजी गई स्वास्थ्य टीम की पड़ताल में परिवार वालों ने भी इसकी पुष्टि की। सीएमओ ने बताया कि राज्य स्तर से मिली रिपोर्ट के अनुसार दूसरा 42 वर्षीय मरीज हरिद्वार शहर के कनखल का रहने वाला है।
वह ठीक होने के बाद हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट से डिस्चार्ज होकर घर लौट आया है। उनके घर पर भी स्वास्थ्य टीम भेजी गई थी। सीएमओ डॉ. नैथानी ने बताया कि जिला अस्पताल में आने वाले संभावित मरीज को भर्ती करने की स्थिति में आइसोलेशन वार्ड में रखने को कहा है। आमजन से भी अपील है कि वह संक्रमण से ग्रसित मरीज से दूर रहें और मास्क पहनें।
क्या है स्वाइन फ्लू
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशयन डॉ. संदीप टंडन के अनुसार स्वाइन फ्लू संक्रामक रोग है। जो एक विशिष्ट प्रकार के एंफ्लूएंजा वायरस (एच-1,एन-1) से होता है। सर्दी के मौसम में इसका संक्रमण अधिक होता है। कम उम्र के लोगों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं में इसके होने की आशंका अधिक होती है। स्वाइन फ्लू होने पर मरीज को टेमी फ्लू की टेबलेट्स दी जाती हैं।
यह हैं लक्षण
- खांसी-जुकाम, नाक से पानी आना, गंभीर स्थिति में सिरदर्द, पेटदर्द, उल्टी आना, गले में खराश, बुखार।
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बचाव के उपाय
- खांसी, जुकाम, बुखार, सर्दी के रोगी से दूर रहें।
- आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को छूने से पहले हाथ को साबुन या एंटीसेप्टिक द्रव्य से अवश्य धोकर साफ करें।
- खांसते, छींकते समय मुंह व नाक पर कपड़ा रखें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों या संक्रमित व्यक्ति के पास जाने से पहले मुंह पर मास्क लगाएं।
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