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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 04, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आइआइटी रुड़की में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन, विभिन्न देशों के छात्र हुए शामिल

By Raksha PanthariEdited By:
Updated: Fri, 08 Mar 2019 08:48 AM (IST)

आइआइटी रुड़की में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन के ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया। जिसमें छात्रों को कर्इ तरह की जानकारियां दी गर्इ।

आइआइटी रुड़की में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन, विभिन्न देशों के छात्र हुए शामिल
आइआइटी रुड़की में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन, विभिन्न देशों के छात्र हुए शामिल

रुड़की, जेएनएन। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की में स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन 2019 (सॉफ्टवेयर एडिशन) के ग्रैंड फिनाले का आयोजन किया गया। इसमें प्रतिभागी 28 टीमों के सामने रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन (आरपीए) और मशीन लर्निंग (एमएल) से जुड़ी सात चुनौतियां और जटिल समस्याएं रखी गई। इस दौरान देश के विभिन्न शहरों से 196 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए, जिनका लक्ष्य सॉफ्टवेयर आधारित औद्योगिक साधनों का विकास करना है।

रविवार को संस्थान के एलएचसी सभागार में दो दिवसीय स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन का ग्रैंड फिनाले हुआ। इस प्रतियोगिता का आयोजन मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार और अखिल भारतीय प्रौद्योगिकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) की पहल से किया गया। इसके आयोजन के लिए देशभर के 48 नोडल सेंटरों में से एक आइआइटी रुड़की को भी बनाया गया।

इसका मकसद ऐसी समस्याओं का हल निकालना है जो दैनिक जीवन में हम सभी के सामने आती हैं। इससे इनोवेटिव प्रोडक्ट तैयार करने और समस्या समाधान की सोच विकसित करने में मदद मिलेगी। स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन में तीन राउंड में विद्यार्थियों का मूल्यांकन उद्योग और शिक्षा जगत के लगभग आठ निर्णायकों ने किया। हर टीम में आठ सदस्य समेत दो मेंटर थे। प्रतिस्पर्धा में मूल्यांकन दो चरणों में किया गया। 

इस अवसर पर केजी इन्फो सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रॉब्लम स्टेटमेंट के हल के लिए नोडल सेंटर आइआइटी रुड़की में कोडिंग की गई। प्रतिस्पर्धा लगातार 36 घंटे तक चली। हैकाथॉन में प्रतिभागियों को सात समस्याओं को हल करने को कहा गया है। जिसमें इन्वॉयस प्रोसेस करने में आरपीए का उपयोग में पिक्सल टीम विजेता रही. रोबोटिक प्रोसेसिंग ऑटोमेशन से वित्तीय संबंधी कार्य में टीम सूडो कोडस, क्रेडेशियल आधारित पारंपरिक सत्यापन का विकल्प देना में टीम गेलियो फिगारो, ग्राहक सेवा चैटबॉट एमएल के साथ में टीम टेक्लीजियंस, ग्राहक सेवा ऑटोमेशन-टिकट तैयार करने के लिए में टीम सॉल्वर्स वीआइटी, आरपीए की मदद से गूगल सर्च में चीम इनोवेटिव पीपुल और समय एवं कार्यक्षमता विश्लेषण में टीम टेलोज विजेता रही। 

इस मौके पर आइआइटी रुड़की के निदेशक प्रोफेसर अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि आइआइटी रुड़की में इस आयोजन को लेकर हम बहुत प्रसन्न हैं। प्रत्येक नोडल सेंटर सॉफ्टवेयर के प्रति उत्साहित लोगों का कुंभ है। पूरे देश से काफी संख्या में विद्यार्थी इस में भाग लेते हैं। कहा कि संस्थान की टीम ने भव्य तरीके से इसका आयोजन किया। जिससे सभी प्रतिभागियों को इसमें सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का अवसर मिले। इस मौके पर केजी इन्फो सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट  आर श्रीनिवासन, एआइसीटीई प्रतिनिधि श्रीपद अगवेकर, आइआइटी रुड़की के प्रोफेसर बालासुब्रमण्यन रमण, निर्णायक मंडल, विभिन्न शिक्षण संस्थानों से आने वाले प्रतिभागी और अन्य उपस्थित रहे।  

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