यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 02, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आर्किटेक्ट के नौकर ने ही की थी चोरी, वजह जानकर चौंक जाएंगे आप
आर्किटेक्ट के घर पर हुर्इ चोरी का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपित नौकर को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही उसके पास से चोरी का सामान बरामद कर लिया है।

रुड़की, जेएनएन। आर्किटेक्ट के घर में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। मामले में नौकर की गिरफ्तारी हुर्इ है। साथ ही उसके कब्जे से पुलिस ने 7.15 लाख रुपये, चांदी की मूर्ति और सिक्के समेत अन्य माल बरामद किया है। आरोपित करीब छह साल से यहां नौकरी कर रहा था। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
सिविल लाइंस कोतवाली में मामले का पर्दाफाश करते हुए एसएसपी जनमेजय खंडूरी ने बताया कि आबकारी गोदाम के पास आर्किटेक्ट अमरीश गुप्ता का आवास है। आवास के बगल में ही इनका ऑफिस भी है। 13 जनवरी को वह परिजनों के साथ जयपुर घूमने गए थे। इसका फायदा उठाकर चोरों ने आवास के ताले तोड़कर करीब आठ लाख की नकदी और घर में रखा अन्य माल समेट लिया था।
इस मामले में सिविललाइंस पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस और एसओजी की टीम मामले की जांच कर ही थी। पुलिस ने इस मामले में आर्किटेक्ट के दफ्तर के कर्मचारियों से पूछताछ की गई तो नौकर अमर सिंह निवासी धीरमाजरा थाना भगवानपुर का नाम सामने आया। शुक्रवार रात जब नौकर अमर सिंह निवासी धीरमाजरा थाना भगवानपुर से पूछताछ की तो उसकी हरकत संदिग्ध लगी।
पुलिस ने कोतवाली लाकर पूछताछ की तो वह टूट गया। अमर ने बताया कि उसने ही मकान के ताले तोड़कर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने उसकी जेब से एक लाख 20 हजार रुपये बरामद किए। आरोपित ने बताया कि बाकी रकम उसके घर रखी है। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर पांच लाख 95 हजार रुपये, चार चांदी की मूर्ति और तीन चांदी के सिक्के बरामद किए। एसएसपी ने आरोपित को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये इनाम की घोषणा की है।
परिवार के सदस्य की तरह मानते थे
धीरमाजार निवासी अमर सिंह करीब छह साल से आर्किटेक्ट के यहां नौकरी करता था। आर्किटेक्ट ने अमर सिंह की शादी में करीब एक लाख रुपये की मदद की थी। सीओ चंदन सिंह बिष्ट ने बताया कि आर्किटेक्ट आरोपित को बहुत मानते थे। आरोपित के विश्वासघात से पूरा परिवार हतप्रभ है।
तनख्वाह नहीं बढ़ाई तो कर दी चोरी
पुलिस पूछताछ में आरोपित ने बताया कि उसने कई बार तनख्वाह बढ़ाने के लिए कहा था, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी। इसके चलते ही उसने घर में चोरी की घटना को अंजाम देने का प्लान बना लिया। आरोपित को पता था कि पूरा परिवार जयपुर जाने वाला है। उसे पता था कि घर की किस आलमारी में रुपये रखे है।
