यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Roorkee: इस बार बेहद खास है दीपावली, अष्ट महायोग में मनाया जाएगा पर्व; अगले दिन बन रहा सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग
Diwali 2023 आइआइटी स्थित सरस्वती मंदिर के पुजारी आचार्य राकेश शुक्ल ने बताया कि इस बार अष्ट महायोग में दीपावली का पर्व पड़ रहा है दूसरा दीपावली से अगल ...और पढ़ें

HighLights
- इस बार अष्ट महायोग में मनेगी दीपावली
- कई तरह से खास रहेगी यह दीपावली
- दिवाली पर बन रहे हैं कई दुर्लभ संयोग
जागरण संवाददाता, रुड़की। Diwali 2023: इस बार दीपावली अष्ट महायोग में मनेगी। इस बार की दीपावली में कई तरह की विशेषताएं हैं। साथ कई योग बन रहे है। साथ ही इस बार आम जनमानस एवं व्यापारियों के लिए विशेष संयोग इस दीपावली में बन रहे हैं।
आइआइटी स्थित सरस्वती मंदिर के पुजारी आचार्य राकेश शुक्ल ने बताया कि इस बार अष्ट महायोग में दीपावली का पर्व पड़ रहा है दूसरा दीपावली से अगले दिन सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बना है। पांच दिनों के बजाय इस वर्ष दीपावली का पर्व 6 दोनों का हो रहा है। अष्ट महायोगों में गजकेसरी हर्ष उभयचरी काहल एवं दुर्धरा नाम के पंच राज योग तथा सौभाग्य आयुष्मान एवं महालक्ष्मी योग विशेष खास हैं।
सोमवती अमावस्या को स्नान व दान का विशेष महत्व
इस बार दीपावली से अगले दिन सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग भी पड़ रहा है। इस दिन स्नान और दान करने का विशेष महत्व होता है। इस बार 12 नवंबर को दिन में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में तथा कार्यालय में पूजन का समय दोपहर डेढ़ बजे से लेकर तीन बजे के मध्य का विशेष उपयुक्त होगा।
इसके अलावा सुबह साढ़े सात बजे से लेकर दोपहर बारह बजे का संयोग भी विशेष है। इस बार प्रदोष काल में पूजन के लिए सबसे शुभ समय शाम 6 बजकर 25 मिनट से रात्रि 8 बजकर पांच मिनट तक शुभ है।