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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हरिद्वार जिले में एक ही दिन में तीन तलाक के तीन मामले

By BhanuEdited By:
Updated: Sun, 18 Aug 2019 01:24 PM (GMT+05:30)

देश में तीन तलाक के खिलाफ कानून पास होने के बाद भी ऐसे मामलों की झड़ी लग रही है। हरिद्वार जिले के लक्सर में तीन तलाक के तीन मामले सामने आए हैं।

हरिद्वार जिले में एक ही दिन में तीन तलाक के तीन मामले
हरिद्वार जिले में एक ही दिन में तीन तलाक के तीन मामले

हरिद्वार, जेएनएन। देश में तीन तलाक के खिलाफ कानून पास होने के बाद भी ऐसे मामलों की झड़ी लग रही है। हरिद्वार जिले के लक्सर में तीन तलाक के तीन मामले सामने आए हैं। इनमें एक को विवाहिता को तीन बेटियां पैदा होने पर, दूसरी को दहेज में कार न मिलने और तीसरी को पति की बदसुलूकी का विरोध करने पर तलाक देने का आरोप है। लक्सर क्षेत्र में तीन तलाक के एक महीने के भीतर करीब आठ मामले सामने आ चुके हैं। 

पारिवारिक विवाद में तीन बार बोला तलाक

पारिवारिक विवाद के चलते एक युवक ने अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। महिला के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, झबरेडा निवासी यूनुस अंसारी की बहन जमशीदा का निकाह वर्ष 2010 में लक्सर कोतवाली के खरंजा कुतुबपुर गांव निवासी रिजवान पुत्र मंजूरा के साथ हुआ था। जमशीदा के दो बच्चें हैं। आरोप है कि जमशीदा का पति उसके साथ अक्सर बदसलूकी करता है। समझाने पर भी वह नहीं माना।

16 अगस्त को भी वह बहनोई को समझाने के लिए बहन की ससुराल आया था। तभी उसने उसकी बहन को तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। यूनूस की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपित रिजवान पुत्र मंजूरा, लाला व रूकबान पुत्रगण मंजूरा, हमीदा पत्नी मंजूरा सलीम पुत्र असगर व मंजूरा सभी निवासीगण ग्राम खरंजा कुतुबुपर के खिलाफ मुकदमा दर्ज जांच शुरू कर दी। 

तीन बेटियां पैदा होने पर दी तीन तलाक 

तीन बेटियां पैदा होने पर पति ने विवाहिता को तीन तलाक देकर प्रताडि़त कर घर से निकाल दिया। महिला की शिकायत पर पुलिस के कार्रवाई नहीं करने पर महिला ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर महिला संरक्षण अधिकारी ने महिला के बयान दर्ज किए हैं।

लक्सर कोतवाली के खेड़ी खुर्द गांव निवासी गुलशन जहां पुत्री पप्पन का निकाह करीब छह साल पहले देहरादून के पटेलनगर निवासी एक युवक के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति ने जुए की लत में दहेज का सारा सामान गंवा दिया। गुलशन ने कई बार मायके से भी पैसे ले जाकर अपने पति को दिए। 

इसी दौरान गुलशन जहां ने दो बेटियों को जन्म दिया। इसके चलते उसके पति व ससुराल वाले उससे नाराज रहने लगे तथा उसे प्रताडि़त करने लगे। इसके बाद वह एक बार फिर से गर्भवती हुई। आरोप है कि इस बार उसके ससुराल वालों ने उससे लिंग परीक्षण कराने को कहा, लेकिन उसने इन्कार कर दिया। पिछले दिनों उसने एक और बेटी को जन्म दिया। 

इससे ससुराल वाले और नाराज हो गए। आरोप है कि उसके पति ने उसे तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया। पुलिस में उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। महिला के अधिवक्ता चौधरी भूप सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर बाल विकास अधिकारी ने बतौर महिला संरक्षण अधिकारी गुलशन जहां के बयान दर्ज करने के बाद रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी है।

दहेज में कार न मिलने पर तीन तलाक देने का आरोप

दहेज में कार नहीं मिलने पर पति ने मायके में ही विवाहिता को तीन बार तलाक बोलकर तीन तलाक दे दिया। विवाहिता की ओर से पति व ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी गई है।

लक्सर कोतवाली के सुल्तानपुर गांव निवासी सईदा ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि एक साल पहले उसने अपनी बेटी साबरा का निकाह कुन्हारी गांव के एक युवक से किया था। हैसियत से बढ़कर दान दहेज देते हुए दामाद को एक बाइक भी दी थी। इसके बावजूद साबरा का पति व ससुराल पक्ष के लोग इससे संतुष्ट नहीं थे और दहेज में कार की मांग कर रहे थे। 

आरोप है कि 16 अगस्त को साबरा का पति व ससुराल पक्ष के लोग उसे लेकर सुल्तानपुर उसके मायके पहुंचे। यहां उन्होंने कार की मांग दोहराते हुए दहेज में कार मिलने पर ही उसे वापस ससुराल ले जाने की बात कही। उसने कार देने में असमर्थता जताई। इसके बाद मायके में ही साबरा के पति ने उसे तीन बार तलाक बोलकर तलाक दे दिया और उसे मायके में ही छोड़कर चले गए। सुल्तानपुर चौकी प्रभारी नंदकिशोर ग्वाड़ी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

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