यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 20, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
परिवहन निगम के फोरमैन को लिया झांसे में, खाते से उड़ाए पांच लाख
परिवहन विभाग के फोरमेन को झांसा देकर पांच लाख की ठगी कर ली गई। आरोपितों ने यह रकम उनके बैंक खाते से निकाली है।

रुड़की, जेएनएन। ठगों ने परिवहन विभाग के फोरमेन को झांसा देकर पांच लाख की ठगी कर ली। आरोपितों ने यह रकम उनके बैंक खाते से निकाली है। पीड़ित ने मामले को लेकर गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू की है।
दरअसल, गंगनहर कोतवाली क्षेत्र के नंद विहार कॉलोनी मकान नंबर 173 निवासी सतीश कुमार उत्तराखंड परिवहन निगम में फोरमैन है। इस समय उनकी हरिद्वार में तैनाती है। सतीश कुमार का बैंक खाता रेलवे रोड स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक में है। गुरुवार सुबह करीब दस बजे उनके मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने उन्हें बताया कि वह बैंक का कर्मचारी बोल रहा है। उसने बताया कि हाल ही में उन्हें जो चिप वाला एटीएम कार्ड दिया गया है। उसका सत्यापन कराने के लिए उन्हें बैंक में आधार कार्ड लेकर आना होगा।
सतीश कुमार ने तीन दिन बाद बैंक में आने की बात कही। इस पर आरोपित ने उनका एटीएम कार्ड बंद होने की बात कही। आरोपित ने उन्हें अपनी बातों में उलझा लिया। इसी दौरान उसने उनके मोबाइल पर भेजे एक ओटीपी नंबर की जानकारी मांगी। उसकी बातों में आकर सतीश कुमार ने उसे ओटीपी नंबर बता दिया। ओटीपी बताने पर उन्हें अपनी भूल का एहसास हुआ तो वह बैंक पहुंचे और बैंक अधिकारियों को मामले की जानकारी ली। बैंक अधिकारियों ने उनका एटीएम कार्ड बंद करने और खाते से निकासी नहीं होने का आश्वासन दिया। लेकिन कुछ देर बाद उनके खाते से दो लाख 98 हजार की रकम साफ हो गई।
इसके बाद भी उनके खतो से रात भर रुपये निकालते रहे। शुक्रवार तक उनके खाते से दो लाख से अधिक की निकासी हो गई। दो दिनों में पांच लाख की निकासी होने से सतीश कुमार दंग रह गए। इस बाबत पीड़ित ने गंगनहर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। वहीं, बैंक अधिकारियों को भी मामले से अवगत कराया है।
