यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 28, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मैं बर्बाद हो गया, अब जीना नहीं चाहता लिख पंजाब केे युवक ने लगार्इ फांसी
हरिद्वार में पंजाब के एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया है।

हरिद्वार, जेएनएन। लुधियाना, (पंजाब) के युवक ने एक होटल में फांसी लगाकर जान दे दी। युवक ने बुधवार सुबह गंगा स्नान किया और इसके बाद होटल के कमरे में जाकर फांसी लगा दी। युवक ने छोटे से सुसाइड नोट में अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेवार बताया है।
पुलिस के मुताबिक, मोहल्ला मस्जिद शेखां, लुधियाना(पंजाब) निवासी जसवीर, 42 वर्ष पुत्र सोमनाथ मंगलवार को हरिद्वार आया था। उसने हरकी पैड़ी के समीप होटल विकास में कमरा लिया। बुधवार सुबह उठकर जसवीर गंगा स्नान के लिए हरकी पैड़ी गया। कुछ देर बाद होटल लौटकर सीधे अपने कमरे में चला गया। कई घंटे तक जब कमरे में कोई हलचल नहीं हुई तो होटल कर्मचारियों को शक हुआ। उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
हरकी पैड़ी पुलिस चौकी प्रभारी डीएस रावत ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो युवक का शव पंखे से फांसी पर लटका देख सबके होश उड़ गए। कमरे की तलाशी लेने पर युवक का आधार कार्ड और कागज का छोटा सा टुकड़ा मिला। जिसमें लिखा गया था कि 'मैं बर्बाद हो गया हूं और अब जीना नहीं चाहता हूं। अपनी मौत के लिए वह खुद जिम्मेदार है।' पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया। हालांकि बुधवार देर शाम तक उनसे संपर्क नहीं हो पाया था। पुलिस ने शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। कार्यवाहक कोतवाली प्रभारी जगमोहन रमोला ने बताया कि युवक के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
खानाबदोश जिंदगी गुजारता था जसवीर
पुलिस की काफी कोशिशों के बाद भी जसवीर के परिवार से संपर्क नहीं हो पाया। जसवीर के मोबाइल से मिले नंबरों पर कॉल करते हुए पुलिस ने उसके परिचितों से बातचीत की। चौकी प्रभारी डीएस रावत ने बताया कि जसवीर के परिवार के बारे में उसके परिचितों को भी कोई जानकारी नहीं है। परिचितों ने बताया कि कुछ साल से वह लुधियाना में रह रहा था। इससे पहले वह कहां रहता था, उसका परिवार कहां है, इस बारे में उन्हें कुछ नहीं पता है। उन्होंने बताया है कि जसवीर खानाबदोश जिंदगी गुजारता था। वह कभी हलवाई तो कभी टैंट का काम करने लगता था।
