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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाघों की गणना के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लगाए जाएंगे 1082 कैमरे nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sat, 23 Nov 2019 11:27 PM (IST)

सीटीआर प्रशासन ने बाघों की संख्या का पता लगाने के लिए फेज-4 की गणना शुरू कर दी है। गणना के लिए पहले चरण में कॉर्बेट व दूसरे चरण में कालागढ़ टाइगर रिजर्व में कैमरे लगाए जाएंगे।

बाघों की गणना के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लगाए जाएंगे 1082 कैमरे nainital news
बाघों की गणना के लिए कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में लगाए जाएंगे 1082 कैमरे nainital news

रामनगर, जेएनएन : कॉर्बेट टाइगर रिजर्व ने भले ही अधिकारिक रूप से बाघों की संख्या की घोषणा नहीं की है लेकिन सीटीआर प्रशासन ने बाघों की संख्या का पता लगाने के लिए फेज-4 की गणना शुरू कर दी है। कैमरा ट्रेप विधि से होने वाली बाघ गणना के लिए पहले चरण में कॉर्बेट व दूसरे चरण में कालागढ़ टाइगर रिजर्व में कैमरे लगाए जाएंगे। राष्ट्रीय बाघ सरंक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) द्वारा हर चार साल में अखिल भारतीय बाघ गणना कराई जाती है। जिसके नतीजे दिल्ली से घोषित होते हैं। इसके अलावा एनटीसीए के निर्देश के तहत हर साल में भी देश के हर टाइगर रिजर्व अपने क्षेत्र में बाघ गणना करते हैं। इसी के तहत सीटीआर द्वारा फेज-4 की बाघ गणना शुरू कर दी गई है। कार्यक्षेत्र के हिसाब से टाइगर रिजर्व को कॉर्बेट व कालागढ़ के दो जोन में बांटा गया है। विभाग पहले कॉर्बेट के क्षेत्र में बाघ गणना का कार्य करेगा। इसके लिए कॉर्बेट के क्षेत्र को 541 हिस्सों में बांटकर ग्रिड बनाई गई है। हर ग्रिड में दो स्क्वायर किलोमीटर का वन क्षेत्र शामिल है। प्रत्येक ग्रिड में दो जोड़ी कैमरे लगाए गए हैं। कुल 1082 कैमरे बाघों की तस्वीर खीचेंगे।

सीटीआर के उपनिदेशक चंद्रशेखर जोशी ने बताया कि पहले चरण में कॉर्बेट के क्षेत्र में कैमरे लगा दिए गए हैं। 50 दिन तक कैमरे लगाए जाएंगे। इसके बाद इन कैमरों में कैद बाघों के डेटा का अध्ययन किया जाएगा। दूसरे चरण में कालागढ़ क्षेत्र में यह कैमरे  लगाए जाएंगे। इसके बाद ही सीटीआर में बाघों की वास्तविक संख्या घोषित की जाएगी।

हाथी ने दो वाहनों पर किया हमला, कई यात्री चोटिल

रामनगर : जंगल से निकलकर सड़क पर आये हाथी ने मुख्य सड़क पर वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिए। इस दौरान हाथी ने दो वाहनों पर हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि हाथी के हमले में कई लोग चोटिल हो गए। इस घटना की कहीं रिपोर्ट दर्ज नहीं है और वन विभाग के अधिकारियों ने भी घटना की जानकारी होने से इन्कार किया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक शुक्रवार तड़के मोहान-मरचूला मार्ग पर जंगल से अचानक हाथी सड़क पर आ धमका। हाथी ने वहां से गुजर रहे वाहनों की आवाजाही ठप कर दी।

इस दौरान वाहनों में सवार कई यात्रियों ने भाग कर जान बचाई। इस बीच हाथी ने दो वाहनों पर हमला कर दिया। हमले में एक महिला सहित करीब आधा दर्जन लोग चोटिल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय में लाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने जयंती देवी पत्नी राजेन्द्र कुमार निवासी ग्राम हरड़ा जिला अल्मोड़ा ही हालत नाजुक बताते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया, जबकि मामूली रूप से घायल अन्य यात्रियों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। हाथी के उत्पात की सूचना पर वन विभाग का गश्ती दल मौके पर पहुंचा लेकिन तब तक हमलावर हाथी जंगल की ओर चला गया था।

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