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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 30, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बागजाला स्कूल के 114 बच्चे पानी के लिए भटकने को मजबूर

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 30 Dec 2018 11:05 PM (IST)

राजकीय प्राथमिक विद्यालय बागजाला में पढऩे वाले 114 बच्चे पेयजल नहीं मिलने से परेशान हैं। इस स्कूल में अब तक पेयजल का कनेक्शन नहीं लगाया गया है।

बागजाला स्कूल के 114 बच्चे पानी के लिए भटकने को मजबूर
बागजाला स्कूल के 114 बच्चे पानी के लिए भटकने को मजबूर

हल्द्वानी, जेएनएन : राजकीय प्राथमिक विद्यालय बागजाला में पढऩे वाले 114 बच्चे पेयजल नहीं मिलने से परेशान हैं। इस स्कूल में अब तक पेयजल का कनेक्शन नहीं लगाया गया है। आला अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट में तक इस स्कूल में पेयजल व्यवस्था नहीं होने का जिक्र किया, मगर कुछ नहीं हुआ। बच्चों को हो रही परेशानी से चिंतित स्कूल की प्रधानाध्यापिका पार्वती आर्य ने शनिवार को जलसंस्थान के अधिशासी अभियंता विशाल कुमार से मुलाकात की। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि विद्यालय में बच्चों के लिए मिड-डे मील बनाया जाता है। इसके लिए आसपास के घरों से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। बच्चों के साथ ही विद्यालय में प्रधानाध्यापिका के अलावा तीन सहायक अध्यापक व तीन भोजन माताएं हैं। पूर्व में वह पेयजल मंत्री तक से विद्यालय में पेयजल कनेक्शन देने की गुहार लगा चुकी हैं। विधायक नवीन दुम्का से भी विधायक निधि से पेयजल कनेक्शन लगाने की फरियाद लगाई गई। विधायक ने जलसंस्थान के अफसरों को विधायक निधि से कनेक्शन जोडऩे का प्रस्ताव भेजने के लिए निर्देशित किया है। प्रधानाध्यापिका ने अधिशासी अभियंता को विधायक का निर्देशित पत्र सौंपकर कनेक्शन देने की मांग की। वहीं, अधिशासी अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि स्कूल में पेयजल कनेक्शन जल्द लगाया जाएगा।

अब मटेला गांव को मिल सकेगा नलों में पानी : भीमताल में विकासखंड ओखलकांडा के मटेला गांव के लोंगों को अब उनके नलों से पानी मिल सकेगा। इसके लिए जिला योजना से पेयजल योजना को 52 लाख रुपये की स्वीकृत हो गई है। जिससे ग्रामीणों मे खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मटेला गांव में 50 साल पुरानी एक पेयजल योजना है जो जीर्ण-क्षीर्ण हो चुकी है। जिससे ग्रामीणों को पानी के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गांव में एक पुरानी पानी की टंकी है, जिससे पूरा गांव उसी पर निर्भर है। यहां की आबादी लगभग दो सौ परिवार की है। इस स्थान से पानी लेने के लिए सुबह चार बजे से रात बारह बजे तक कतार लगी रहती है। ग्रामीणों के मुताबिक टंकी भी जंगल के करीब होने के कारण लोंगों को जंगली जानवरों का डर लगा रहता है। तीन माह पूर्व विधायक राम सिंह कैड़ा के क्षेत्र में भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने गांव में पेयजल की योजना से संबधित समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए उसे निराकरण की मांग की थी। विधायक द्वारा छह माह के अंदर गांव में पानी पहुंचाने के आश्वासन के चलते मामले को जिला योजना में रखा गया। जहां योजना के तहत काफली गधेरे से मटेला गांव तक लगभग चार किमी की पंपिंग योजना स्वीकृत कर दी गई है। इसके लिए 52 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृति की गई है। विधायक ने बताया कि धन स्वीकृति के बाद उसकी निविदा भी जारी कर दी गई है। ग्रामीणों ने पेयजल योजना को स्वीकृति दिलाने पर विधायक का आभार व्यक्त किया है।

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