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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पुनर्मतगणना समेत अन्‍य मांगों को लेकर पंचायत चुनाव के 18 प्रत्याशी पहुंचे हाई कोर्ट

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Sun, 17 Nov 2019 09:13 AM (IST)

हाल ही में राज्य के 12 जिलों में निपटे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतगणना के बाद घोषित परिणामों में पराजित 18 प्रत्याशी हाई कोर्ट पहुंच गए हैं।

पुनर्मतगणना समेत अन्‍य मांगों को लेकर पंचायत चुनाव के 18 प्रत्याशी पहुंचे हाई कोर्ट
पुनर्मतगणना समेत अन्‍य मांगों को लेकर पंचायत चुनाव के 18 प्रत्याशी पहुंचे हाई कोर्ट

नैनीताल, जेएनएन : हाल ही में राज्य के 12 जिलों में निपटे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में मतगणना के बाद घोषित परिणामों में पराजित 18 प्रत्याशी हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। कोर्ट ने इनकी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विपक्षियों से 25 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। इन प्रत्‍याशियों की शिकायतें मतगणना में गड़बड़ी समेत चुनाव आयोग की नीतियों की अवहेलना को लेकर है।

जस्टिस धूलिया की एकलपीठ में सुनवाई

वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ में मामलों की सुनवाई हुई। पराजित 18 प्रत्याशियों ने अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं। अधिकांश याचिकाएं पुनर्मतगणना को लेकर हैं जबकि कुछ याचिकाएं जीते हुए प्रत्याशियों द्वारा चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने से संबंधित हैं।

सरकारी नौकरी में रहते हुए चुनाव लड़ने का आरोप

सितारगंज ब्लॉक प्रमुख पद पर पराजित उमा त्रिपाठी ने ब्लॉक प्रमुख पद पर निर्वाचित कमलजीत कौर पर सरकारी नौकरी में होते हुए चुनाव लडऩे का आरोप लगाया है। सितारगंज में ही पंचायत चुनाव में पराजित सपना ने विजयी प्रत्याशी की कक्षा आठ की मार्कशीट फर्जी बताई है।

वोट अवैध घोष‍ित करने का अरोप

धारचूला ब्लॉक के ग्राम जुम्मा से प्रधान का चुनाव हारे दिनेश राम व इंदर राम का आरोप है कि उनके पक्ष में दिए गए 195 मत अवैध घोषित कर दिए गए। टिहरी गढ़वाल के कटखेत से बीडीसी का चुनाव पराजित पार्वती देवी का कहना है कि वह 37 वोट से चुनाव जीत गई थीं मगर दोबारा मतगणना हुई तो 367 वोटों से पराजित दिखा दिया गया। एकलपीठ ने इन समस्त चुनाव याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए विपक्षियों को 25 नवंबर तक जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।

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