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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2020 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रमोशन में आरक्षण खत्म : कुमाऊं के 80 हजार अफसर-कर्मचारियों को फायदा nainital news

By Skand ShuklaEdited By:
Updated: Thu, 19 Mar 2020 08:34 AM (IST)

प्रमोशन में आरक्षण समाप्त होने के फैसले से कुमाऊं में करीब 80 हजार अफसर और कर्मचारियों को फायदा होगा।

प्रमोशन में आरक्षण खत्म : कुमाऊं के 80 हजार अफसर-कर्मचारियों को फायदा nainital news
प्रमोशन में आरक्षण खत्म : कुमाऊं के 80 हजार अफसर-कर्मचारियों को फायदा nainital news

हल्द्वानी, जेएनएन : प्रमोशन में आरक्षण समाप्त होने के फैसले से कुमाऊं में करीब 80 हजार अफसर और कर्मचारियों को फायदा होगा। कर्मचारी नेता मनोहर कुमार मिश्रा के मुताबिक, सबसे ज्यादा 20 हजार जनरल-ओबीसी वर्ग के सरकारी कर्मी नैनीताल जिले में तैनात हैं। हल्द्वानी शहर में ही इनकी संख्या लगभग चार हजार है। प्रदेश में यह संख्या डेढ़ लाख के करीब है।

सुप्रीम कोर्ट ने राज्‍य सरकार के पाले में डाल दी थी गेंद

प्रमोशन में आरक्षण खत्म करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले से जनरल-ओबीसी को और बल मिला। कोर्ट ने आरक्षण की इस कैटेगरी को मौलिक अधिकार न मानते हुए फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार के पाले में डाल दिया, जिसके बाद आंदोलन की शुरुआत हुई। जनरल-ओबीसी वर्ग के अफसर और कर्मचारी धरने पर बैठ गए। हड़तालियों का तर्क था कि बीते कुछ सालों में जनरल-ओबीसी वर्ग के आठ हजार कार्मिक बिना प्रमोशन सेवानिवृत्त हो गए। दूसरी पीढ़ी के साथ यह अन्याय नहीं होने देंगे। बुधवार दोपहर शासन के फैसला लेते हुए हल्द्वानी से लेकर पिथौरागढ़ तक सरकारी कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। मिठाइयां बांटने के बाद एसोसिएशन के नैनीताल जिलाध्यक्ष मनोज तिवारी ने सभी से कहा कि गुरुवार से सभी अपने-अपने दफ्तर जाएंगे और पूरी ताकत से काम मे जुटेंगे।

जिला       कर्मचारी-अफसर

नैनीताल    20 हजार

यूएसनगर   15 हजार

अल्मोड़ा     12 हजार

बागेश्वर      10 हजार

चम्पावत     8 हजार

पिथौरागढ़   15 हजार

नसीहत : किसी को परेशान मत करना

मांग पूरी होने के बाद आयोजित सभा के दौरान एक कर्मचारी नेता ने हड़तालियों को नसीहत देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति किसी काम से दफ्तर में आता है तो वह इस बात का खास ध्यान रखें कि उसे परेशानी का सामना न करना पड़े। उसका काम समय से पूरा कर उसके चेहरे पर खुशी देकर विदा करें।

अब जातिगत आरक्षण व एक्ट के खिलाफ लामबंदी

जनरल-ओबीसी इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ऐतिहासिक जीत से सभी लोग खुश है, लेकिन कुछ समय बाद फिर संघर्ष किया जाएगा। भविष्य में जातिगत आरक्षण को जड़ से खत्म करने और एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ भी आंदोलन किया जाएगा।

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