बदरीनाथ चढ़ावा चोरी के आरोपी प्रमोद नौटियाल को हाई कोर्ट से मिली सशर्त जमानत
हाई कोर्ट ने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपी प्रमोद नौटियाल को सशर्त जमानत दे दी है।

जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने के बाद कोर्ट ने मामले के समग्र तथ्यों को देखते हुए यह फैसला सुनाया।
HighLights
प्रमोद नौटियाल को बदरीनाथ चढ़ावा चोरी मामले में जमानत मिली।
हाई कोर्ट ने जांच पूरी होने पर सशर्त जमानत दी।
आरोपी को ट्रायल में सहयोग करने की शर्त रखी गई।
जागरण संवाददाता। हाई कोर्ट ने उत्तराखंड के चारधामों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ मंदिर में थाली भेंट की गिनती के दौरान चढ़ावा चोरी के आरोप में जेल में बंद मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। न्यायाधीश न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हुई। इसी साल नौटियाल के खिलाफ थाना श्री बदरीनाथ में बीएनएस की धारा 306, 316(5), 317(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
प्रारंभिक जांच के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि प्रमोद नौटियाल को श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ावे के रूप में की गई थाली भेंट के तहत जमा राशि की गिनती के दौरान कुछ पैसे लेते हुए देखा गया था। इसका वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। जांच के बाद पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की। इसमें दावा किया कि प्रमोद की निशानदेही पर धाम के धर्मशाला के कमरे से 5,000 रुपये बरामद किए गए।
बचाव पक्ष की ओर से पेश अधिवक्ताओं की ओर से कहा गया कि प्रमोद निर्दोष है और उसे झूठा फंसाया गया है। कहा कि गिरफ्तारी 12 जुलाई 2026 को हुई, लेकिन 5,000 रुपये की बरामदगी 28 जुलाई को हुई। जिस धर्मशाला के कमरे से बरामदगी दिखाई गई, वह आम लोगों और श्रद्धालुओं के लिए खुला था, इसलिए बरामदगी को इसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए।
प्रमोद देहरादून का स्थायी निवासी है। समाज में उसकी गहरी जड़ें हैं, उसके भागने या गवाहों को प्रभावित करने की कोई आशंका नहीं है। जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट आ चुकी है जबकि ट्रायल में अभी लंबा समय लगेगा। सरकार की ओर से जमानत का पुरजोर विरोध किया गया। हालांकि उन्होंने इस बात से इन्कार नहीं किया कि चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और बरामदगी गिरफ्तारी के काफी समय बाद हुई है।
कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। 5,000 रुपये की बरामदगी धर्मशाला के कमरे से बताई गई है जो श्रद्धालुओं के लिए सुलभ था। बरामदगी 28 जुलाई को हुई जबकि गिरफ्तारी 12 जुलाई को हुई।
आरोपित को जांच और ट्रायल में सहयोग करना होगा
मामले के समग्र तथ्यों को देखते हुए गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए बिना कोर्ट का मानना है कि आवेदक जमानत का हकदार है। कोर्ट ने कहा कि प्रमोद को संबंधित कोर्ट की संतुष्टि पर व्यक्तिगत बंधपत्र और दो विश्वसनीय जमानतदारों पर रिहा किया जाए। शर्त यह रहेगी कि वह किसी भी व्यक्ति को धमकाएगा, बहलाएगा या प्रभावित नहीं करेगा।
अभियोजन साक्ष्य से छेड़छाड़ नहीं करेगा और गवाहों को प्रभावित नहीं करेगा। जांच और ट्रायल में सहयोग करेगा और ट्रायल कोर्ट में नियमित रूप से पेश होगा। कोर्ट की पूर्व अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेगा।
अपना वर्तमान पता और मोबाइल नंबर जांच अधिकारी कोर्ट को देगा और बदलाव की तुरंत सूचना देगा। कोर्ट ने यह भी साफ किया कि किसी भी शर्त के उल्लंघन पर अभियोजन पक्ष जमानत रद कराने के लिए स्वतंत्र होगा।
यह भी पढ़ें- स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बदरीनाथ धाम की मर्यादा और हेलीकॉप्टर हादसे की जांच पर जोर दिया
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।