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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    अदृश्य होने लगे शनि ग्रह की सुंदर रिंग्स... तो क्‍या एक दिन सच में गायब हो जाएंगी?

    Updated: Sat, 24 Aug 2024 03:27 PM (IST)

    Saturn Rings शनि ग्रह की रिंग्स यानी वलय आंखों से ओझल होने लगे हैं जो अगले कुछ वर्ष में दिखने बंद हो जाएंगे। रोचक प्रक्रिया के तहत यह खगोलीय घटना होने ...और पढ़ें

    Saturn Rings: नासा द्वारा जारी शनि ग्रह की तस्वीर। सौजन्य इंटरनेट।
    Saturn Rings: नासा द्वारा जारी शनि ग्रह की तस्वीर। सौजन्य इंटरनेट।

    HighLights

    1. रोमांचक है शनि के प्रति दिलचस्पसी रखने वालों के लिए यह खगोलीय घटना

    रमेश चंद्रा, नैनीताल। Saturn Rings: शनि ग्रह की मान्यता और दिलचस्पी सदियों से रही है, लेकिन आने वाले दिनों मे इस ग्रह में बढ़ा परिवर्तन होने जा रहा है। इसकी रिंग्स यानी वलय आंखों से ओझल होने लगे हैं, जो अगले वर्ष दिखने बंद हो जाएंगे। सामान्य मगर रोचक प्रक्रिया के तहत यह खगोलीय घटना होने जा रही है।

    आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल विज्ञानी डा शशिभूषण पाण्डेय ने बताया कि शनि के छल्लों का अदृश्य होने की घटना स्वाभाविक है, जो शनि व पृथ्वी की अपनी ऑर्बिट में घूमने के कारण होती है। वलय यानी रिंग्स नही दिखाई देने की बड़ी वजह पृथ्वी व शनि का कोणीय आधार है।

    घटना व बढ़ना अद्भुत खगोलीय घटना

    पृथ्वी अपने अक्ष में 23.5 डिग्री झुकी हुई है, जबकि शनि 26.73 डिग्री झुका है। पृथ्वी 15 करोड़ किमी की दूरी से सूर्य की परिक्रमा करती है, जबकि शनि 1.343 अरब किमी (1434 मिलियन किमी) दूर से सूर्य का चक्कर लगाता है। अपने ऑर्बिट में सूर्य के परिक्रमण के दौरान इनके कोणीय स्थिति परिवर्तित होते रहती है। जिस कारण पृथ्वी से नजर आने वाली रिंग्स की अवस्था भी बदलती नजर आती है।

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    अब वह समय आ रहा है, जब इसकी रिंग्स का अत्यधिक रूपसे काम नजर आना शुरू हो चुका है और अगले वर्ष मार्च में मात्र एक लाइन के रूप में दिखाई देंगे।

    इसके कुछ ही समय बाद जैसे जैसे पृथ्वी व शनि अपनी ऑर्बिट ने आगे बढ़ने लगेंगे तो पुनः रिंग्स की अवस्था भी बदलती चली जाएगी। यह प्रक्रिया लगभग 15 वर्ष के अंतराल तक चलती है और फिर करीब 13 से 15 साल के बीच रिंग पूर्णरूप से नजर आने लगती हैं।

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    डा पांडेय ने बताया कि शनि की सुंदरता इसकी रिंग्स से आंकी जाती है, जो शनि ग्रह को निहायती सुंदर बनाते हैं। ग्रह नक्षत्रों के प्रति रूचि रखने वालों के लिए शनि की रिंग्स का घटना व बढ़ना अद्भुत खगोलीय घटना है। जिस पर उनकी नजर बनी रहती है। शनि की चाल व रिंग्स का अध्ययन करने वाले खगोल वैज्ञानिकों के लिए यह खगोलीय घटना बेहद महत्वपूर्ण होती है।

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    एक दिन वास्तव में गायब हो जाएंगी रिंग्स

    डा शशिभूषण पांडेय के अनुसार शनि ग्रह के छल्ले ग्रहीय विज्ञानियों के लिए बढ़ा अध्ययन का विषय रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शनि की रिंग अब वास्तव में पतली होने लगी हैं।

    दरअसल इसकी रिंग्स धूल व बर्फ से बनी होती हैं। रिंग्स की बर्फ पिघलने के कारण जिनका पतला होना शुरू हो गया है। सम्भव है कि किसी दिन इसकी रिंग्स गायब हो जाएंगी। मगर यह समय लाखों करोड़ों वर्ष बाद आएगा।